मेरठ रोड स्थित पुलिस लाइन के पास खुले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (गांधीगंज) से संबद्ध ग्राहक सेवा केंद्र का प्रबंधक ग्राहकों के लाखों रुपये डकार गया हैं। एक महीने बाद भी ग्राहकों द्वारा जमा किए पैसे उनके खाते में नहीं पहुंचे हैं।
जबकि, ग्राहकों से ट्रांसफर शुल्क के नाम पर मोटा कमीशन वसूला गया था। परेशान ग्राहकों ने डीएम से मामले की शिकायत की बात कही है। मेरठ रोड पर पुलिस लाइन के पास ग्राहक सेवा केंद्र स्थित है, यह केंद्र गढ़ रोड गांधीगंज स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से संबद्ध है।
नोटबंदी के बाद इस केंद्र के खाताधारक बड़ी संख्या में अपने खातों में पैसा जमा करने पहुंचे थे। कई ग्राहकों ने लाखों रुपये अन्य खातों में भी डाले थे। एक महीने बाद भी ग्राहकों के खातों में पैसा नहीं पहुंच सका है।
आरोप है कि प्रबंधक ग्राहकों को उनका पैसा गांधीगंज स्थित मुख्य शाखा में जमा करने की बात कहकर टरका रहा है। जबकि, मुख्य शाखा के प्रबंधक ने इस तरह के किसी भी लेनदेन की जानकारी न होने की बात कही है।
वहीं, ग्राहकों का आरोप है कि कैश ट्रांसफर करने के नाम पर उनसे पांच फीसदी कमीशन वसूला गया है। उन्हें पक्की रसीदें भी नहीं दी गई हैं। एक महीने बाद अकाउंट में राशि नहीं पहुंचने पर बृहस्पतिवार को ग्राहक भड़क उठे। लोगों ने प्रबंधक के खिलाफ काफी हंगामा किया।
ग्राहक सेवा केंद्र के प्रबंधक हरेंद्र चौधरी ने बताया कि वह ग्राहकों से मिला पैसा गांधीगंज स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में जमा करा चुके हैं। वहीं, से लेटलतीफी हो रही है। जबकि, गांधीगंज स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंधक सुनील कुमार का कहना है कि उनके स्तर से कोई लेटलतीफी नहीं हुई है।
यदि उनके बैंक में पैसा जमा होता तो ग्राहकों के खाते में पहुंच जाते। इस संबंध में केंद्र के प्रबंधक ने उनसे कोई वार्ता भी नहीं की है। जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक एपी चतुर्वेदी का कहना है कि एक महीने बाद भी खातों में पैसा न पहुंचना गंभीर मामला है। वह मामले की जांच करा आवश्यक कार्रवाई करेंगे।