बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के सरावनी गांव निवासी एक बुग्गी चालक बुधवार को मुंडाली थाना क्षेत्र के मऊखास गांव के पास पुलिस को घायलावस्था में मिला। उसने इलाज के दौरान मेरठ मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया।
युवक की मौत की जानकारी होते ही उसके परिजनों और ग्रामीणों ने हत्या का आरोप लगाकर बृहस्पतिवार को किठौर रोड पर जाम लगा दिया। उन्होंने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। एसडीएम और सीओ के आश्वासन पर करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खुल पाया।
सरावनी गांव निवासी कफिल पुत्र इलियास (38) भैंसा-बुग्गी चलाकर अपना परिवार पालता है। उसके पास 28 मार्च को कुछ युवक आए और किठौर में इंटरलॉकिंग बिछने का काम होने की जानकारी दी। उसे बुग्गी लेकर वहां आने को कहा।
कपिल को 100 रुपये की पेशगी दी थी। 29 मार्च को कफिल बुग्गी लेकर किठौर जाने के लिए निकला, लेकिन शाम तक नहीं लौटा। 30 मार्च को किठौर थाना क्षेत्र के सौलदा गांव के पास कफिल की बुग्गी खड़ी मिली, कपिल का पता नहीं चला।
परिजनों ने किठौर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने के लिये तहरीर दी। 31 मार्च को कफिल मुंडाली थाना क्षेत्र के मऊखास गांव के पास घायलावस्था में पुलिस को मिला। पुलिस ने उसे मेरठ के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। बृहस्पतिवार शाम करीब 4:30 बजे सरावनी के ग्रामीणों ने किठौर रोड पर जाम लगाकर कपिल की हत्या का आरोप लगाया और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। जाम की सूचना पर बाबूगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की।
ग्रामीण उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़ गए। सीओ बाबूगढ़ शैलेंद्र सिंह राठौर और एसडीएम सदर अवनीश कुमार वहां पहुंचे और हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम करीब छह बजे जाम खुल सका। जाम लगने से वाहन चालकों को परेशानी हुई।
पूरा घटनाक्रम मेरठ का है। परिजनों ने वहां के थाने में ही गुमशुदगी दर्ज कराई थी। यदि परिजन चाहेंगे तो थाना स्तर से भी जांच कराई जाएगी। - विजय बहादुर सिंह, एसओ बाबूगढ़