बहादुरगढ़ के गांव सिकंदरपुर से सटे जंगल में रविवार सुबह एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्र का शव मफलर के सहारे पेड़ से लटका मिलने से सनसनी फैल गई।
पुलिस घटना को आत्महत्या बता रही है। उधर, लोगों का कहना है कि कुछ दिनों में ही उसकी शादी होने वाली थी फिर उसने आत्महत्या क्यों की।
बहादुरगढ़ के गांव सिंकदरपुर से सटे जंगल में किसान रामभूल सिंह के खेत में पेड़ पर एक युवक का शव मफलर के सहारे लटका मिला। इसकी सूचना पर काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
शव की शिनाख्त गांव के ही भरत सिंह लोधी के बेटे मोहन (18) के रूप में हुई। मोहन सालारपुर इंटर कॉलेज में हाईस्कूल का छात्र था। मोहन पांच भाई-बहनों में चौथे नंबर पर था।
पिता भरत सिंह लोधी का कहना है कि मोहन शनिवार रात को छोटे भाई सुमित और चचेरे भाई अजय के साथ गांव चित्तौड़ा की मंढैया से एक रिश्तेदार के घर से लौटा था।
रविवार सुबह करीब 6 बजे गन्ने की कटाई की बात कहकर खेतों के लिए गया था। घर में कोई क्लेश नहीं था और न ही मोहन किसी बात को लेकर नाराज था।
सूचना मिलते ही एसडीएम केबी सिंह, डीएसपी सतीश चंद्र पांडेय और इंस्पेक्टर वाईके पूनिया ने मौका मुआयना किया। जिसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
डीएसपी सतीश चंद्र पांडेय का कहना है कि छात्र की मौत का मामला प्रथम दृष्ट्या खुदकुशी प्रतीत हो रही है, परंतु मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आ पाएगी।
शादी की चल रही थी तैयारी
ग्रामीणों का कहना है कि मोहन का
रिश्ता बुलंदशहर के गांव फरीदा बांगर से तय था। जल्द ही शादी की तारीख भी
तय होनी थी, जिसको लेकर घर में रंगाई-पुताई के साथ ही शादी से जुड़ीं सभी
तैयारी चल रही थीं।
परंतु मोहन की संदिग्ध दशा में मौत होने से शादी की
तैयारी मातम में बदल गई हैं और घर में कोहराम मच गया है।