किसान का बेटा बोरे में बंद मिला
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जनपद बुलंदशहर से अपहृत हुआ किसान का बेटा नहर पटरी पर पड़े बोरे में बंद मिला। रास्ते से निकल रहे ऑटो चालक ने किशोर को बोरे से बाहर निकाला। बहादुरगढ़ क्षेत्र से होकर जा रही स्याना नहर पटरी के पास रविवार रात में करीब आठ बजे एक बोरा पड़ा हुआ था।
बोरे में हलचल होती देख वहां से गुजर रहे ऑटो चालक ने पास जाकर देखा तो उसमें एक दस वर्षीय किशोर बंद था और बाहर निकलने के लिए तड़प रहा था। ऑटो चालक ने बच्चे को बोरे से बाहर निकाल दिया
और पूछताछ की तो उसने बताया कि वह जनपद बुलंदशहर के थाना सलेमपुर के गांव पूठरी खुर्द के किसान प्रमोद का बेटा आकाश है। किशोर ने बताया कि रविवार उसके सुबह माता-पिता खेत पर गेहूं की निकासी कराई थी।
इसे घर ले जाने के लिए वे बुग्गी लेने चले गए थे और गांव के ही धर्मेंद्र के बेटे सागर और उसे मौके पर छोड़ गए थे। लेकिन कुछ ही देर में तीन लोग कार में सवार होकर वहां आ गए और उसे जबरन उठाकर अपने साथ ले आए और उसे बोरे में बंद कर स्याना नहर पटरी पर फेंक कर चले गए।
पूछताछ के दौरान आकाश ने बताया कि गांव जखैड़ा रहमतपुर में उसके नाना राजेंद्र रहते हैं। इस पर ऑटो चालक ने उसे वहां से होकर निकल रहे एक बाइक वाले के साथ बैठा दिया। लेकिन बाइक वाले ने नाना के घर पहुंचाने की बजाए उसे गांव ठेरा के पास उतार दिया।
इसके बाद बच्चा राहगीरों से पूछताछ करता हुआ नाना के घर पहुंच गया। खेत से अगवा हुआ बच्चा नाना के घर पहुंचने की खबर मिलते ही परिजनों के चेहरे खिल उठे। मां सुमन और चाचा सुधीर सोमवार की सुबह होते ही गांव जखैड़ा आ गए और आकाश को अपने साथ ले गए।
उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र के बेटे सागर से पूछताछ के आधार पर पिता प्रमोद ने सलेमपुर थाने में तहरीर दी है। लेकिन अभी तक पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की है। बहादुरगढ़ एसओ संजीव शुक्ला का कहना है कि इस संबंध में थाने पर कोई भी सूचना नहीं आई है।