पैर फिसलने से भाकियू जिला प्रभारी की छत से गिरकर मौत हो गई। इससे भाकियू कार्यकर्ताओं समेत क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। भाजपा विधायक समेत हजारों लोग इनके दाह संस्कार में शामिल हुए।
भाकियू जिला प्रभारी और पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतबीर सिंह चौहान 52 साल निवासी गांवड़ी रविवार की रात को ब्रजघाट स्थित अपने आवास पर सो थे। देर रात लघु शंका के लिए जाते वक्त पैर फिसलने से वह सिर के बल सड़क पर जा गिरे।
सिर में गंभीर चोट लगने के साथ ही एक टांग टूटने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सतबीर चौहान की मौत होने की खबर मिलते ही भाकियू कार्यकर्ताओं समेत क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। हजारों लोग दिवंगत के घर पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।
दिवंगत भाकियू नेता चार बच्चों के पिता थे। इनकी प्रधान पत्नी मुकेश देवी का कहना है कि घटना के बाद परिजन दौड़कर सड़क पर पहुंचे तो उनके पति गंभीर हालत में थे। उन्हें स्थानीय चिकित्सक के पास ले जाया गया। लेकिन चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे गमगीन माहौल के बीच सतबीर चौहान का शव को ब्रजघाट गंगा किनारे स्थित श्मशान घाट ले जाकर दाह संस्कार किया गया। भाजपा विधायक कमल मलिक, सपा नेता सतपाल यादव, भाकियू राष्ट्रीय सचिव सतबीर चौधरी,
मंडल अध्यक्ष मांगेराम त्यागी, जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री, प्रदेश उपाध्यक्ष कुशलपाल आर्य, मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा, मंडल सचिव रामपाल चौहान, पूर्व चेयरमैन सोना सिंह, विहिप जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, स्कूल प्रबंधक राजेंद्र सिंह, प्रधान फराहीम, अय्यूब, किशन फौजी,
अमरोहा बसपा जिलाध्यक्ष हेमसिंह आर्य, सुरेश चौहान, सुरेंद्र चौहान, पूर्व मंत्री मदन चौहान के अनुज अशोक चौहान, माशा अल्ला, राहत अली, प्रमुख पति रवि यादव समेत हजारों लोगों ने भाकियू जिला प्रभारी की अंतिम विदाई में शामिल हुए।
गांव की एक लड़की करीब दस माह पहले एक युवक के साथ चली गई थी। इसे सतबीर चौहान ने सख्ती के साथ परिजनों के साथ घर भेज दिया था। उसने अदालत के समक्ष दिए गए बयान में सतबीर चौहान पर भी रेप करने का आरोप लगा दिया था।
इसके विरोध में भाकियू ने कई बार कोतवाली, तहसील और कलेक्ट्रेट का घेराव कर खूब हंगामा किया था। इस पर डीआईजी ने पुलिस से जांच हटाकर क्राइम ब्रांच को सौंप दी थी।
परिजनों का कहना है कि प्रधानी चुनाव और राजनीतिक रंजिश के चलते कुछ लोगों के इशारे पर सतबीर चौहान को झूठा फंसाया गया था। इससे वह कई माह से मानसिक तौर पर बुरी तरह परेशान चल रहे थे।