अलग-अलग समुदाय के दो टैक्सी मालिकों में बाद सिंभावली सांप्रदायिक दंगे होने की अफवाह फैलने से क्षेत्र हड़कंप मच गया। किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम में सांप्रदायिक बवाल की सूचना दे दी।
आननफानन में पुलिस-प्रशासनिक के कई अफसर और भारी पुलिस बल मौके पहुंच गया था। पुलिस ने मामले में छह लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि पुलिस को अभी फोन करने वाले का पता नहीं चला है।
सिंभावली फरीदपुर गांव निवासी तसलीम एनएच-24 के किनारे वेल्डिंग की दुकान करता है। उसके पास में ही हाईकोर्ट गांव निवासी संजय की सीमेंट की दुकान है। दोनों युवक किराए पर टैक्सी भी चलाते हैं।
उनके बीच बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे मारपीट हो गई। तभी कुछ शरारती तत्वों ने संजय और तसलीम के बीच हुए झगड़े को लेकर सांप्रदायिक दंगे होने की अफवाह फैला दी।
इससे सिंभावली-बक्सर समेत आसपास के गांवों में तनाव हो गया। किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम में भी बवाल की सूचना दे दी। इससे पुलिस और प्रशासन के अफसरों में भी हड़कंप मच गया।
एसपी योगेश सिंह ने आननफानन में गढ़, बहादुरगढ़, सिंभावली, बाबूगढ़ पुलिस समेत एसडीएम शमशाद हुसैन हापुड़ और केबी सिंह गढ़ को मौके पर भेजा।
जांच में सांप्रदायिक दंगे की सूचना अफवाह निकली। हालांकि सिंभावली पुलिस ने माहौल बिगाड़ने की साजिश करने पर दोनों पक्षों केछह लोगों को हिरासत में लिया है। उनके खिलाफ शांतिभंग करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
एसओ डीके त्यागी का कहना है कि तसलीम और संजय के बीच हुए झगड़े की असल वजह 300 रुपये थे। संजय ने 500 रुपये में अपनी टैक्सी बुक की थी, लेकिन उनकी कार खराब होने पर तसलीम की कार भिजवा दी।
उसने तसलीम को किराए के रूप में 200 रुपये दिए। बाद में बुकिंग वाली पार्टी ने 500 रुपये का किराया दिए जाने की बात तसलीम को बता दी। तब संजय और तसलीम में झगड़ा हो गया।
इस दौरान कुछ शरारती तत्वों ने मामले को सांप्रदायिक रंग देने की नियत से दंगा होने की अफवाह उड़ा दी थी। एसओ का कहना है कि अफवाह उड़ाने वालों को चिन्हित कराया जा रहा है, जिनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।