सिंभावली तहसील के एक गांव की महिला से गैंगरेप की कोशिश करने वाले दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने एक आरोपी को शुक्रवार को ही दबोच लिया था।
मामले में गांव में पंचायत के जरिए एक आरोपी को पीड़िता से जूते मरवाकर और दूसरे से डेढ़ लाख रुपये दिलवाकर फैसला करा दिया गया था। दो आरोपियों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज थी, इसके बाद पंचायत की खबर तक पुलिस को नहीं लगी थी। मीडिया में मामला छाने पर पुलिस दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
बता दें कि सिंभावली क्षेत्र के एक गांव की विवाहिता 17 दिसंबर को शुगर मिल गेट के सामने स्थित मेडिकल स्टोर से दवा लेने गई थी। वापसी के दौरान गांव के ही दो युवक लिफ्ट देकर अपनी बाइक पर बैठा लाए थे।
घर छोड़ने की बजाए वे गन्ने के खेत में ले गए थे, और जान से मारने की धमकी देकर महिला से गैंगरेप करने की कोशिश्ा की। वारदात के बाद आरोपियों ने पुलिस अथवा परिजनों से कोई भी शिकायत करने पर पीड़िता के बच्चों को जान से मारने की धमकी भी दे डाली थी। इसके बाद भी विवाहिता डर नहीं पाई और परिजनों को आपबीती सुनाने के बाद उसने 25 दिसंबर को थाने में एफआईआर दर्ज करा दी थी।
इस मामले का आपसी तौर पर निपटारा करने के उद्देश्य से गांव में पंचायत भी हुई थी। जिसमें दोनों आरोपियों को शारिरिक और आर्थिक तौर पर दंड भी दिया गया था।
्र परंतु पुलिस ने पंचायत में हुए इस फैसले की सारी कवायद को पूरी तरह खारिज करते हुए एक आरोपी को दबोचकर कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया था। पुलिस के कड़े रुख के चलते ग्रामीण पंचायत होने की सच्चाई को ही नकार गए थे।
जिसके चलते पुलिस ताबड़तोड़ ढंग में दबिश देकर दूसरे आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। जिसे पुलिस ने शनिवार की तड़के में उस समय दबोच लिया, जब वह क्षेत्र से फरार होने की फिराक में सिंभावली के हरोड़ा मोड़ पर नेशनल हाईवे किनारे खड़े होकर सवारी की बाट जोह रहा था।
एसओ डीके त्यागी ने जानकारी देते हुए बताया है कि विवाहिता को बाइक पर लिफ्ट देकर दो लोगों ने गैंग रेप की वारदात करने की कोशिश की थी, जिसमें में नामजद दूसरे आरोपी आरोपी को भी हाईवे किनारे से दबोचकर कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।