खड्डा (कुशीनगर)। मनरेगा घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की एक टीम शनिवार को खड्डा पहुंची। उसने घोटाले के आरोपियों को नोटिस दी। टीम ने तत्कालीन ग्राम प्रधानों, सचिवों, तकनीकी सहायकों, तत्कालीन जिला पंचायत सदस्य और उनके भाई आदि को चार जनवरी को लखनऊ स्थित अपने हेडक्वार्टर में तलब किया है।
खड्डा क्षेत्र के भैसहां, नरायनपुर, शाहपुर, पकड़ी बृजलाल आदि गांवों के तत्कालीन ग्राम प्रधान, इन गांवों के तत्कालीन सेक्रेटरी, तकनीकी सहायक, तत्कालीन जिला पंचायत सदस्य और उनके भाई को शनिवार के दिन सीबीआई की एक टीम नोटिस देने पहुंची।
इसके बाद से ही खड्डा क्षेत्र में मनरेगा घोटाले से जुड़े लोगों में एक बार फिर से जांच को लेकर चिंता बढ़ गई है। सीबीआई ने इन आरोपियों को चार जनवरी को लखनऊ में तलब किया है। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी इस केस में अंतिम कार्रवाई करने को तैयार है।
यहां बता दें कि वर्ष 2005 से 2010 तक खड्डा क्षेत्र के तमाम गांवों में मनरेगा योजना के करोड़ों रुपये नियम कानून को ताक पर रखकर हड़प लिया गए थे।
इसकी बड़ी रकम ग्राम सभाओं के मनरेगा योजना के बैंक अकाउंट से बेयरर चेक से निकाल लिया गया था।
इस मामले में मनरेगा के तत्कालीन क्वालिटी कंट्रोलर विनोद शंकर चौबे ने जांचकर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। उसके बाद शासन के निर्देश पर खड्डा के तत्कालीन बीडीओ संजय सिंह ने खड्डा थाने में धोखाधड़ी, कूट रचना, गबन, साजिश, गोलबंद आदि धाराओं में उपरोक्त लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था।
बाद में हाईकोर्ट ने इस केस की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।
इस बात की पुष्टि करते हुए इस केस के विवेचक सीबीआई के डिप्टी एसपी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि तत्कालीन जिला पंचायत सदस्य विजय अग्रवाल, राजेश अग्रवाल सहित ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी और तकनीकी सहायकों को बुलाया गया है। कार्रवाई अंतिम दौर में है।