हाफिजपुर थाना क्षेत्र के गांव शाहबद्दीपुर में शनिवार शाम जैसे ही मृतक महिला का पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचा, आक्रोशित ग्रामीणों ने शव लेकर आयी एम्बुलेंस में आग लगाने का प्रयास किया। लेकिन चालक की मिन्नत और कुछ लोगों के समझाने पर ग्रामीण मान गए।
इसके बाद आक्रोशित महिला-पुरुषों की भीड़ एनएच-235 पर जाम लगाने के लिए निकल पड़ी लेकिन रास्ते में एडीएम और एडी.एसपी द्वारा आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतका के परिवार को मुआवजा दिलाने का आश्वासन देने पर ग्रामीण शांत हो सके।
शनिवार सुबह एसपी कैंप कार्यालय पर तोडफ़ोड़ और हंगामा करने के बाद सैकड़ों की तादात में ग्रामीण पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। जहां पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
शाम करीब 03 बजे जब शव गांव शाहबद्दीपुर पहुंचा तो वहां आसपास के गांवों के सैकड़ों की तादात में ग्रामीण मौके पर जमा थे। जब सरस्वती मेडिकल कॉलेज की एम्बुलेंस से शव गांव आया और शव उतारा गया तो आक्रोशित ग्रामीणों ने एम्बुलेंस में आग लगाने की कोशिश की,
लेकिन एम्बुलेंस के चालक की मिन्नत और समझदार ग्रामीणों के समझाने पर ग्रामीण ने इरादा बदल दिया। पुलिस की मौजूदगी में एम्बुलेंस से शव उतराने के बाद ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया।
क्योंकि ग्रामीणों की मांग थी कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा,तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा। इस मांग पर शव चारपाई पर रखकर ग्रामीण मेरठ-बुलंदशहर हाईवे-235 पर जाम लगाने के लिए कूच कर गए।
उधर पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को हाईवे पर जाम लगाने की सूचना मिलने पर पहले ही हाईवे पर अपर जिलाधिकारी रजनीश राय, एड.एसपी रामनयन यादव, सीओ सिटी विशाल यादव, सीओ पिलखुवा शैलेंद्र राठौर, एसएचओ वीरेंद्र सिंह यादव,
एसएचओ पिलखुवा यशवीर सिंह, देहात एसओ दीक्षित त्यागी, हाफिजपुर एसओ संयज यादव, बाबूगढ़ एसओ विजय बहादुर सिंह, धौलाना एसओ संजीव शुक्ला सहित कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया था।
लेकिन ग्रामीण जब शाहबद्दीपुर से गांव मोरपुर को जाने वाले मार्ग पर पहुंचे तो उन्होंने रास्ता बंद कर दिया। जहां एडीएम और एड.एसपी पहुंचे और ग्रामीण व परिजनों से वार्ता करते हुए आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री राहत कोष से जो संभव होगी मदद कराई जाएगी।
साथ ही यदि पीड़ित का श्रम विभाग में पंजीकरण होगा,तो वहां से भी मदद कराई जाएगी। इस पर ग्रामीणों ने मदद लेने से मना कर दिया। लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। जिस पर एड.एसपी ने कहा कि पुलिस की कई टीमें इस वारदात का खुलासा करने के लिए लगाई गई है।
जल्द ही आरोपियों को दबोच लिया जाएगा। इस आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए और शव का अंतिम संस्कार करने के लिए ले गए।
गांव शाहबद्दीपुर से मोरपुर की ओर जाने वाले मार्ग पर ग्रामीणों व परिजनों ने करीब एक घंटा तक शव को रखे रखा। जब तक अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन नहीं दिया,तब तक शव को ग्रामीणों ने नहीं उठाया।
गैंगरेप के बाद महिला की हत्या किए जाने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन के अफसरों से मांग की है कि थाने में तैनात लापरवाह पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। क्योंकि वह न तो गांव में गश्त करते हैं और न ही ग्रामीणों से ठीक प्रकार से वार्ता करते हैं। एड.एसपी ने जल्द ही कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
गांव शाहबद्दीपुर में गैंगरेप के बाद महिला की हत्या किए जाने के बाद गांव में भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष विनित अग्रवाल शारदा, पूर्व जिलाध्यक्ष संजय त्यागी, श्यामेंद्र त्यागी, विनोद वर्मा, कैलाश चंद वर्मा आदि भाजपाईयों के साथ पहुंचे। जहां उन्होंने मृतका के परिवार को ढाढस बंधाया।
परिजनों ने पुलिस की घोर लापरवाही की जानकारी भाजपा नेता को दी तो उन्होंने पहले एसपी अलंकृता सिंह और बाद में डीएम अनिल ढींगरा को फोन मिलाया। जिस पर विनित अग्रवाल शारदा की डीएम से काफी बहस हुई।
उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान की बहू-बेटियों की अस्मत से खिलवाड़ा किया जा रहा है। लेकिन शासन और प्रशासन अपराधियों को संरक्षण दे रहा है। यदि भाजपा की सरकार आती है तो वह लापरवाही बरतने वाले अफसरों की वर्दी तक उतरवा देंगे।
उन्होने पुलिस प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेट दिया है साथ ही मांग की है कि यदि मृतका के परिवार को 25 लाख का मुआवजा नहीं मिला तो भाजपा सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।