हापुड़ के मॉडल रेलवे स्टेशन पर दिव्यांगों को आधारभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। प्लेटफार्म नंबर 4 और 5 उनकी पहुंच से दूर होते जा रहे हैं। उनके लिए लगी पानी की टोटियां भी शोपीस बन गई हैं।
अव्यवस्था से पीड़ित अनेक दिव्यांगों ने तो स्टेशन का रुख करना ही छोड़ दिया है। वह बसों से ही सफर करने में भलाई समझते हैं। बुधवार को अमर उजाला के रिपोर्टर जतिन त्यागी व कैमरा पर्सन कमल सैफी की लाइव रिपोर्ट में दिव्यांगों का दर्द छलका।
हापुड़ के रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन की संज्ञा मिली हुई है, जो जिलेवासियों के लिए गर्व की बात है लेकिन यहां दिव्यांगों की घोर अनदेखी की जा रही है। आलम यह है कि प्लेटफार्म नंबर 4 और पांच तक पहुंच पाना दिव्यांगों के लिए बेहद कठिन साबित हो रहा है।
एक वर्ष पूर्व तक प्लेटफार्म नंबर एक के छोर पर रेलवे लाइनों को क्रॉस करती हुई एक सड़क बनी हुई थी। दिव्यांग इसी रास्ते के जरिए आसानी से प्लेटफार्म नंबर चार और पांच तक पहुंच जाते थे लेकिन अब इसे तोड़ दिया गया है।
इसके चलते यहां दिव्यांगों के सामने रेल में सफर करना चुनौती भरा हो गया है क्योंकि उन्हें पहले तो प्लेटफार्म नंबर एक पर बने अंडरपास से दो नंबर प्लेटफार्म पर पहुंचना पड़ता है, जिसके बाद लंबा चलकर अन्य प्लेटफार्म पर पहुंचना पड़ता है।
ढलान के चलते अंडरपास में भी ऊपर चढ़ पाना उनके लिए काफी मुश्किल होता है। स्टेशन पर दिव्यांगों के लिए लगी पानी की टोटियां भी शोपीस से कम नहीं हैं। ऐसी भीषण गर्मी में पानी की तलाश में उन्हें या तो पूरे प्लेटफार्म पर भटकना पड़ता है,
या फिर अन्य यात्रियों की सहायता से पानी का इंतजाम करना पड़ता है। कुल मिलाकर मॉडल स्टेशन दिव्यांगों के लिए सुविधाओं की बजाय समस्याओं का स्टेशन बना हुआ है।
बुलंदशहर निवासी मंगू ने बताया कि वह हापुड़ में ही कार्य करता है, कई बार उसे मेरठ जाना पड़ता है। एक वर्ष पूर्व तक तो वह आसानी से प्लेटफार्म तक पहुंच जाता था लेकिन अब सड़क तोड़ दिए जाने के कारण वह ट्रेन से मेरठ नहीं जा पाता है और उसे बस से जाना ही सुविधाजनक लगता है।
दिव्यांग दिनेश पाल ने बताया कि मॉडल स्टेशन पर उनके लिए कोई सुविधा नहीं है। इसलिए ट्रेन से सफर करना बंद कर दिया है। रेलवे के अधिकारियों की अनदेखी से उन्हें रेलवे सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कार्यवाहक स्टेशन अधीक्षक एमआर मीणा ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में है। प्लेटफार्म नंबर एक से जो लाइन को क्रॉस करती हुई सड़क बनी हुई थी, उसे जल्द ही बनवाकर दिव्यांगों को राहत दिला दी जायेगी।