मोदीनगर रोड के सरावा गांव के ग्रामीणों की रात तेंदुए के खौफ में गुजरी। पूरी रात ग्रामीणों ने पहरा देकर काटी। हालांकि इस दौरान न तो कहीं तेंदुआ दिखायी दिया और न ही उसने किसी जानवर को घायल किया।
ज्ञात हो कि शुक्रवार रात गांव सरावा में तेंदुए जैसे जानवर ने ग्रामीण सदाकत की चार बकरियों को शिकार बना लिया था। बकरी के आसपास तेंदुए के पंजों के निशान भी पाये गए थे। हालांकि वन विभाग की टीम ने पंजों के निशान तेंदुए के होने से इंकार किया था।
इसके बावजूद ग्रामीणों ने तेंदुए की जंगल में तलाश की। शनिवार रात ग्रामीणों ने खुद गांव का पहरा दिया। लोग जागकर गांव की गलियों में लाठी-डंडे लेकर घूमते रहे। ग्रामीणों ने अपने जानवर घरों के अंदर रखे। हालांकि पूरी रात न तो किसी ग्रामीण को तेंदुआ दिखायी दिया और न ही उसने किसी जानवर पर हमला किया।
सुबह को भी खेतों पर किसान टोलियां बनाकर पहुंचे। कुल मिलाकर तेंदुए का खौफ पूरे दिन ग्रामीणों पर हावी रहा। इस संबंध में कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि सरावा की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।