थाना हापुड़ देहात क्षेत्र के अंतर्गत इंद्रलोक मोहल्ला में एक सप्ताह पूर्व हुई सर्राफ से 21 लाख की लूट के मामले में पुलिस ने सरगना सहित तीन बदमाशों को दबोच कर वारदात का खुलासा कर दिया है। आरोपियों से दो लाख रुपये की नकदी बरामद की है। हालांकि पुलिस अब तक लूटा हुआ बाकी माल बरामद नहीं कर पाई है।
दो बदमाशों को भीड़ ने वारदात के दिन ही दबोच लिया था। वारदात का मास्टर माइंड मंगल सिंह धार्मिक आस्था के चलते मंगलवार को वारदात को अंजाम नहीं देता था। लेकिन कई बार रेकी के बाद मौका नहंी मिलने पर उसने मंगलवार को ही इस लूटपाट की घटना का अंजाम दे दिया।
बता दें कि 26 जून को सर्राफ व्यापारी अंकुश गुप्ता निवासी इंद्रलोक से बाइक सवार तीन बदमाशों ने फायरिंग कर ढाई लाख कैश व 650 ग्राम सोना लूट लिया था। शोर सुनकर भीड़ ने गढ़ चुुुंगी से दो बदमाशों आरिफ निवासी फर्रखनगर व हरेंद्र बाबूगढ़ को दबोच लिया था।
वारदात के एक सप्ताह बाद मंगलवार को एएसपी राम मोहन सिंह ने पत्रकार वार्ता कर बताया कि मंगलवार की सुबह देहात थाना प्रभारी पंकज लवानिया व स्वाट टीम प्रभारी विजय बहादुर टीम के साथ चेकिंग कर रहे थे। तभी उन्हें बाइक सवार तीन संदिग्धों को आते देखा।
पुलिस ने उन्हें रोका तो बदमाशों ने फायरिंग करनी शुरू कर दी। लेकिन पुलिस ने बदमाशों को घेरकर पकड़ लिया। पूछताछ में बदमाशों ने अपने नाम मंगल सिंह निवासी रघुनाथपुर मसूरी, वसीम निवासी डासना व अजय निवासी गांव नान बताया है। पुलिस ने उनके पास से दो लाख रुपये कैश, एक-एक तमंचा, पिस्टल व बाइक बरामद की है।
एएसपी ने बताया कि बदमाशों का आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस खंगाल रही है। गैंग का सरगना मंगल सिंह है। वह पूर्व में भी लूट के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस अब तक माल बरामद नहीं कर पाई है। जिसकी तलाश कर जल्द माल बरामद करने का दावा किया जा रहा है।
कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में असंतोष है। माल बरामद नहीं होने पर व्यापारियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाया है। व्यापारियों ने हंगामा करते हुए पुलिस से माल बरामद करने की मांग की। पीड़ित व्यापारी अंकुश गुप्ता ने बताया कि माल बरामद नहीं होना गंभीर मामला है।
फरार बदमाशों को एक सप्ताह बाद पकड़कर उनसे कैश बरामद करने का आश्वासन देना उनके गले नहीं उतर रहा है। व्यापारियों को पुलिस अधिकारियों ने जल्द माल बरामद करने का भरोसा दिलाया। जिस पर व्यापारी शांत हुए। इस दौरान काफी संख्या में व्यापारी जमा रहे।
सर्राफ व्यापारी से लूटपाट के मामले में गिरफ्तार मास्टर माइंड मंगल सिंह धार्मिक आस्था के चलते मंगलवार को लूटपाट नहीं करता था। वह हजारों में नहीं लाखों रुपये में लूटपाट की घटना को अंजाम देता था। वह अपने साथियों के साथ मिलकर रेकी कर घटना को अंजाम देता था।
हालांकि लूट का माल बरामद नहीं होने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। मसूरी के रघुनाथपुर निवासी बदमाश मंगल सिंह आठवीं पास है। मंगलवार का व्रत रखता था। इस दौरान वह अपराध नहीं करता था।
लेकिन इस बार हापुड़ में उसने काफी समय से सर्राफ व्यापारी की रेकी कर लूट में सफल नहीं होने पर मंगलवार को घटना को अंजाम दिया। मंगल का साथी वसीम पूरे मामले की दो-तीन महीने से रेकी कर रहा था।
लेकिन रेकी में सफल नहीं हो रहा था। जिसके चलते 26 जून यानि मंगलवार को उसने सर्राफ अंकुश गुप्ता के साथ अपने पांचों साथियों के साथ मिलकर लूट की घटना को अंजाम दिया।
मंगल तीन महीने पूर्व ही नोएडा जेल से छूटकर आया है। वह केवल बड़ी रकम की लूट को अंजाम देता था। वर्ष 2015 में उसने नोएडा के फेज 2 में भी अपने साथियों के साथ मिलकर 30 लाख की लूट को अंजाम दिया था। वह भोलू गैंग का बदमाश रह चुका है।
उस पर हापुड़, नोएडा, गाजियाबाद में लूट के कई मामले दर्ज हैं। साथ ही आईजी द्वारा उस पर ईनाम भी घोषित है। पुलिस उसके व पकड़े गए बदमाशों के रिकाअपराधिक इतिहास को खंगालने में जुटी है। वहीं अजय भी हाफिजपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर बदमाश है।
दो बदमाशों को मौके से पकड़ने के बाद पुलिस अपनी पीठ खुद थपथपा रही थी। लेकिन एक सप्ताह बाद भी तीन बदमाशों को पकड़ने के बाद लूटा हुआ 650 ग्राम सोना बरामद नहीं कर पाई। पुलिस के अनुसार बदमाश भागते हुए बैग रास्ते में फेंककर फरार हो गए थे।
जिसके चलते माल किसी व्यक्ति को मिल जाने की संभावना जता रही है। हालांकि, भीड़ के बीच बैग का गिरकर गायब होना गले नहीं उतर रहा है। ऐसे में लूटा हुआ माल कहां गया, ये सवाल पुलिस के गले की फांस बन गया है। जबकि व्यापारियों में खुलासे को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।