विवाहिता की उपचार के दौरान मौत
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क्षेत्र के गांव बासतपुर निवासी युवती का विवाह चार साल पहले मोदीनगर में हुआ था। बच्चा न होने से लगातार मिलने वाले तानों, उत्पीड़न और दहेज की मांग से वह लगातार परेशान रहती थी। युवती 15 अक्तूबर को संदिग्ध हालत में झुलस गई थी।
रविवार रात दिल्ली के अस्पताल में उसकी मौत हो गई। मायके वालों ने युवती को जलाने का आरोप ससुरालियों पर लगाया है। मनोज गौतम ने बताया कि चार वर्ष पूर्व उनकी बहन सरिता की शादी मोदीनगर में हुई थी।
सरिता को बच्चा न होने पर सुसराल में उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता था। समय - समय पर पति को समझा बुझाकर मामला सुलझाया जाता रहा। शराबी पति के उत्पीड़न व ननद के ताने दिए जाने से वह लगातार परेशान रहती थी।
ससुराल वाले उसको दहेज लाने के लिए भी लगातार प्रताणित करते थे। सरिता सब कुछ चुपचाप सहती रही। 15 अक्टूबर को सुसराल वालों ने सरिता को षड्यंत्र के तहत आग के हवाले कर दिया था।
सूचना मिलने पर मायके पक्ष के लोग मोदीनगर पहुंचे और उसका उपचार कराया गया। रविवार रात दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान सरिता ने दम तोड़ दिया। मृतका सरिता का अंतिम संस्कार उसके मायके गांव बासतपुर में सोमवार शाम गमगीन माहौल में हुआ।
मृतका सरिता के भाई मनोज गौतम ने बताया कि सुसराल पक्ष के लोगों ने उसकी बहन को साजिश के तहत आग के हवाले कर दिया था। उन्होंने मंगलवार को सुसराल पक्ष पर बहन का
उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। गांव की बेटी के अंतिम संस्कार में जुटे आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों बेटी के हत्यारों को सजा दिलाने का निर्णय लिया है।