जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट ने विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति व सास को सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों को सात-सात वर्ष की सजा व पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी भाग सिंह भाटी ने बताया कि खुर्जा के गांव किला मेवई निवासी मछला की शादी धर्मेंद्र निवासी पसवाड़ा बहादुरगढ़ के साथ हुई थी। शादी के बाद छोछक में ससुरालियों ने 60 किलो लड्डू, 57 जोड़ी कपड़े की मांग की थी।
मांगें पूरी न होने पर ससुरालियों ने उसे मर जाने या घर छोड़ने की बात कही थी। इसके बाद 7 दिसंबर 2013 को विवाद सुलझाने के लिए विवाहिता के दो भाई सुभाष व कृष्ण उसकी ससुराल गए। थोड़ी देर रुकने के बाद वह घर लौट आए।
उसके बाद विवाहिता ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका के भाई सुभाष ने सास कुसुम, पति धर्मेंद्र व जेठ भूपेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश घनश्याम पाठक ने मामले में फैसला सुनाया।
अधिवक्ता भाग सिंह भाटी ने बताया कि मामले में जेठ भूपेंद्र को बरी कर दिया गया है। जबकि कुसुम व पति धर्मेंद्र को सात-सात वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।
दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन माह की सजा अतिरिक्त भुगतनी होगी। इसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।