बदरखा गांव में भाई ने सोमवार तड़के अपनी बहन की गला रेतकर हत्या कर दी। वह उसके चरित्र पर शक करता था और रविवार रात इसे लेकर उसका मृतका से झगड़ा हुआ था। युवक ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है।
घर से चाकू बरामद कर पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। मृतका शिक्षिका थी और 12 जून को उसकी शादी होने वाली थी। बदरखा गांव के नानक की बेटी सुषमा एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका थी। भाई गौरव छोटी बहन सुषमा के चरित्र पर शक करता था।
रविवार देर रात करीब दो बजे भी गौरव एक युवक के बारे में पूछताछ करते हुए सुषमा से झगड़ा करने लगा। इस दौरान दूसरे भाई सौरभ ने दोनों को समझाकर सुला दिया। सुषमा पांच साल की भतीजी वसु के साथ नीचे के कमरे में सोई थी।
सुबह पड़ोस में रहने वाली उनकी चाची रानी ने सुषमा को आवाज दी तो उसने जवाब नहीं दिया। इसके बाद वसु उठी तो साथ ही पड़ी चारपाई पर सुषमा का खून से लथपथ शव पड़ा था। उसका गला रेता गया था। वसु ने शोर मचाकर सभी को इकट्ठा किया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू की। पुलिस ने गौरव से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घर से ही उसके खून से सने कपड़े और चाकू बरामद कर लिया।
इंस्पेक्टर समरजीत सिंह ने बताया कि गांव के चौकीदार की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर गौरव को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में सामने आया है कि वह बहन के चरित्र पर शक करता था। कई बार पहले भी झगड़ा कर चुका है।
सुषमा की मौत के बाद पूरे परिवार में मातम पसर गया। परिवार के लोगों ने बताया कि सुषमा पढ़ने में बेहद तेज थी और ग्रेजुएशन कर चुकी थी। वह पास के एक स्कूल में पढ़ाती भी थी।
कुछ दिन पहले ही उसका रिश्ता बुलंदशहर के बीबीनगर के गांव बांथली में तय हुआ था। 12 जून को उसकी शादी थी मगर मेहंदी लगने से पहले ही उसकी मौत हो गई। मां राजबाला बेटी की शादी के ही कार्ड बांटने हुई थी।
छोटे भाई द्वारा बड़ी बहन को इतनी बेरहमी से मारे जाने की खबर समूचे गांव में बड़ी तेजी के साथ फैल गई, जिस पर महिला-बच्चों समेत हजारों की भीड़ मौका ए वारदात पर पहुंच गई। जहां हर कोई घटना पर अफसोस जताने के साथ ही गौरव की इस जघन्य करतूत को कोस रहा था।
रिश्तेदारी में शादी के कार्ड बांटने गई राजबाला बेटी की हत्या होने की खबर मिलते ही उल्टे पांव लौट आई, जो गांव में बेटी की लाश देखने के बाद कोतवाली को आ गई। जहां बेटे गौरव ने मां के सामने अपना जुर्म कबूल लिया। इसके बाद पुलिस आरोपी को लेकर हापुड़ पहुंच गई,
जहां एएसपी राम मोहन सिंह की मौजूदगी में आरोपी गौरव ने सारे घटनाक्रम का सिलसिलेवार ढंग से बताते हुए अपना जुर्म कबूल लिया। गौरव ने बताया कि उसने देर रात एक युवक को घर से बाहर निकलते देखा था। इसके चलते वह गुस्से में आ गया। लोकलाज के डर से उसने यह कदम उठा लिया।