चलती ट्रेन से शुक्रवार रात कूदकर भागे बंदी को जीआरपी और सिविल पुलिस ने 12 घंटे बाद एक खेत से दबोच लिया। ट्रेन से कूदने बाद बंदी घायल हो गया था, इसलिए वह भाग नहीं सका था।
इस बंदी को तीन पुलिस वाले दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में पेशी के बाद वापस बरेली जेल ले जा रहे थे। रात करीब 08:30 बजे ब्रजघाट गंगा पुल पार करे जैसे ही बरेली इंटरसिटी गजरौला क्षेत्र में पहुंची।
तभी उसमें सवार बंदी आदेश बालियान निवासी भौरा कलां जनपद मुजफ्फरनगर चलती ट्रेन से कूदकर हथकड़ियों समेत भाग गया। उसके साथ के पुलिस वालों ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी तो हड़कंप मच गया।
पुलिस वालों ने चेन खींचकर ट्रेन रोकी और जीआरपी की मदद से आसपास के खेतों में रातभर चेकिंग अभियान चला। 12 घंटे बाद शनिवार सुबह जिला अमरोहा के जगदेपुर गांव के पास बंदी आदेश खेत में फसल के बीच छुपा मिल गया।
चलती ट्रेन से कूदने के दौरान गंभीर घायल होने के कारण वह ज्यादा भाग नहीं सका था। पुलिस चौकी इंचार्ज संजय कुमार ने बताया कि बंदी आदेश बालियान को हत्या की कोशिश से जुड़े मामले में दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में पेशी पर लाया गया था।
उसे वापस एचसीपी रामसिंह, सिपाही हितेश और संजय बरेली जेल ले जा रहे थे। रास्ते में उल्टी आने झांसा देकर आदेश खिड़की के पास खुली हवा में खड़ा हो गया। गंगा पुल में आकर ट्रेन की रफ्तार धीमी पड़ी तो वह मौका मिलते ही हथकड़ी समेत कूद गया था।
पुलिस वाले हादसे का शिकार होने से बच गए थे। जीआरपी इंचार्ज रविंद्र सिंह का कहना है कि आदेश बालियान शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ विभिन्न जनपदों में हत्या, हत्या की कोशिश, लूट, बलवे जैसे तीन दर्जन से भी अधिक गंभीर केस दर्ज हैं। अब आदेश के खिलाफ पुलिस कस्टडी से भागने की भी रिपोर्ट लिखी गई है।