राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के जवान भी अब पिस्टल से लैस होंगे। जीआरपी ने मुख्यालय को पिस्टल मंगवाने का अनुरोध किया है। इसका मकसद ट्रेनों में चलने वाले स्कवॉयड को भारी भरकम इंसास से छुटकारा दिलाना है। साथ ही ट्रेनों यात्रियों की सुरक्षा को और पुख्ता करना है।
वीआईपी ट्रेनों में आरपीएफ जबकि अधिकांश ट्रेनों में जीआरपी का स्क्वॉयड चलता है। इन जवानों को ट्रेनों में गश्त करने और यात्रियों की सुरक्षा के लिए भारी भरकम इंसास दी जाती हैं। ऐसे में ट्रेनों के कोचों में इंसास लेकर जीआरपी जवान अपने आप को असहज महसूस करते हैं।
जीआरपी के जवानों को भारी भरकम इंसास राइफल से निजात दिलाने के लिए जीआरपी ने पहल शुरू की है। अधिकांश थानों में मुख्यालय से पिस्टल भेजी गई है। यह पिस्टल ट्रेनों में चलने वाले जीआरपी के स्क्वॉयड को मिलेगी।
हापुड़ जीआरपी को फिलहाल पिस्टल नहीं मिल सकी है। इसके बाद यहां के एसओ ने मुख्यालय को पत्र भेजकर पिस्टल उपलब्ध कराने की बात कही है।
एसओ जीआरपी सोमवीर सिंह ने बताया कि पिछले दिनों जीआरपी मुख्यालय से करीब 900 पिस्टल विभिन्न अनुभागों को दी गई है। हापुड़ को एक भी पिस्टल नहीं मिल सकी है। पिस्टल मांगने की डिमांड भेजी गई है।