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फीस जमा न होने पर बच्ची को बेरहमी से पीटा

Fri, 26 Feb 2016 12:34 AM IST
अमर उजाला, हापुड़
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मुस्कान पब्लिक स्कूल मे नर्सरी क्लास की बच्ची को शिक्षक ने सिर्फ इस बात पर बेरहमी से पीटा कि उसके परिजनों ने फीस जमा नहीं की थी। पिटाई से मासूम के नाक और मुंह से खून आ गया।
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सूचना पर परिजन स्कूल पहुंचे और लहूलुहान छात्रा को लेकर जदीद चौकी पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का गुस्सा देखकर पुलिस ने आरोपी शिक्षक को हिरासत में ले लिया और कोतवाली भेज दिया।

मोहल्ला सिकंदरगेट निवासी यूसुफ की टायर पंक्चर की दुकान है। उसके तीन बच्चे समीर, शारिक और अकसा बुलंदशहर रोड स्थित मुस्कान पब्लिक स्कूल में क्रमश: कक्षा तीसरी, दूसरी और नर्सरी क्लास में पढ़ते हैं।
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कुछ दिनों से यूसुफ स्कूल में फीस जमा नहीं कर पाया। स्कूल के शिक्षक बार-बार बच्चों पर फीस जमा करने का दबाव बना रहे थे। बृहस्पतिवार को उसके तीनों बच्चे स्कूल गए।

बताया गया कि वहां एक शिक्षक ने समीर से स्कूल की फीस घर से लाने की बात कही। समीर अपने घर पैसे लेने गया था। तभी शिक्षक ने नर्सरी कक्षा की मासूम अकसा को इस कदर पीटा कि उसकी नाक से खून बहने लगा और कुछ ही देर में वह बेहोश हो गई।

शारिक ने अपने घर पहुंचकर शिक्षक द्वारा मारपीट करने की बात बताई तो परिजन स्कूल पहुंचे और लहूलुहान छात्रा को जदीद चौकी पर लेकर गए। जहां परिजनों ने आरोपी शिक्षक पर कार्रवाई की मांग कर हंगामा कर दिया।

लोगों का दबाव बढ़ता देखकर पुलिस ने आरोपी शिक्षक को हिरासत में ले लिया और कोतवाली भिजवा दिया। यूसुफ का आरोप है कि इस प्रकार की घटना यदि स्कूलों में होगी तो गरीब बच्चे शिक्षित कैसे होंगे।

कोतवाली में शिक्षक द्वारा माफी मांगने पर दोनों पक्षों में समझौता हो गया था।
 
मामला मेरी जानकारी में नहीं है। यदि ऐसा मामला हुआ है तो बेहद गंभीर प्रकरण है। मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से जांच कराई जाएगी। - अनिल ढींगरा, डीएम

मैंने तो सिर्फ बच्चों से फीस जमा कराने को कहा था। बच्ची के साथ मारपीट नहीं की है। - संजय शर्मा, आरोपी शिक्षक

मामला बेहद गंभीर है। बच्ची के पिता की तहरीर पर एनसीआर दर्ज कर ली गई है। बच्ची को मेडिकल के लिये भेजा गया है। दोनों पक्षों में फैसला भी हो गया है। - विशाल यादव, सीओ सिटी

एबीएसए पंकज अग्रवाल का कहना है कि उन्हें इस शर्मनाक घटना का पता चल गया है। वह मामले की जांच अपने स्तर से करा रहे हैं और यदि इस स्कूल की मान्यता है तो इस प्रकार का व्यवहार करने वाले शिक्षक को स्कूल में नहीं रहने दिया जाएगा।
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