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बंधक बनाया गया मुरादाबाद का किसान नाटकीय ढंग में मुक्त

Tue, 14 Feb 2017 10:29 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
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किसान नाटकीय ढंग में मुक्त - फोटो : अमर उजाला
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अपहरण के बाद क्षेत्र के जंगल में बंधक बनाकर रखा गया मुरादाबाद का किसान नाटकीय ढंग में मुक्त हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस की मौजूदगी में हाथ-पैरों में बंधी रस्सी खोली गईं।
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क्षेत्र के गांव सिखैड़ा का युवक सागर मंगलवार दोपहर जंगल से होकर निकल रहा था।

गांव फरीदपुर के पूर्व प्रधान राजपाल सिंह की ईख से उसे शोर की आवाज सुनाई दी। सागर ने रुककर देखा तो करीब 45 वर्षीय एक अधेड़ चिल्ला रहा था, उसके हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे। सागर ने आनन फानन में थाना और गांव को खबर कर दी।

पता लगते ही पुलिस समेत दर्जनों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उन्होंने हाथ-पैरों में बंधी रस्सी खोलकर अधेड़ को मुक्त कराया। पुलिस ने काफी देर तक आसपास के खेतों में खड़ी गन्ने की फसल खंगाली, लेकिन उसमें कोई व्यक्ति छिपा नहीं मिला।
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इसके बाद बंधन मुक्त कराए गए अधेड़ को पुलिस थाने ले आई।  उसने पूछताछ में बताया कि वह जनपद मुरादाबाद के थाना मैनाठेर के गांव गुरेब निवासी हाजी रईस है। जो करीब 70 बीघा भूमि में खेतीबाड़ी करता है।

उसको 10 फरवरी की रात खेतों से घर लौटने के दौरान तीन नकाबपोश वैन गाड़ी से अपहरण कर लाए थे। अधेड़ ने बताया कि तीन दिनों तक हाथ-पैर बांधने के बाद मुंह पर कपड़ा डालकर उसे किसी कमरे में रखा गया था।

मंगलवार तड़के उसे किसी वैन गाड़ी में डालकर तीनों लोग गन्ने के खेत में ले आए। शोर मचाने पर गोली मारने की धमकी देकर कहीं चले गए थे। मौका मिलने पर वह पेट के बल घिसटता हुआ ईख के बाहरी छोर पर आ गया और मदद के लिए शोर मचा दिया।

अधेड़ ने बताया कि अपहरण के पीछे अनजान लोगों का मकसद क्या था? उसे इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं है।

एसओ विजय बहादुर सिंह ने बताया कि सूचना देकर मुरादाबाद पुलिस और अधेड़ के परिजनों को मौके पर बुला लिया गया, जिसके बाद उपचार दिलाकर उसको पुलिस और परिजनों की सुपुर्दगी में भेज दिया गया है।

उन्होंने बताया कि अधेड़ के मुताबिक उसका अपहरण गांव गुरेब के जंगल से हुआ था, इसलिए इस संबंध में मुरादाबाद पुलिस ही कानूनी कार्रवाई करेगी। क्योंकि हाजी रईस की गुमशुदगी का केस भी वहीं दर्ज है।
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