ज्येष्ठ गंगा दशहरा पर दिल्ली से परिजनों के साथ आया किशोर गंगा स्नान के दौरान गहरे पानी में डूब गया। 44 वीं वाहिनी पीएसी मेरठ के जवानों ने काफी मशक्कत के बाद किशोर का शव बरामद कर लिया।
गंगा दशहरा पर स्नानार्थियों के डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए वाराणसी से आई एनडीआरएफ टीम, पीएसी व पालिका के गोताखोरों की मौजूदगी के बाद हुई इस घटना ने प्रशासन के सारे दावों की पोल खोल दी है।
दिल्ली के त्रिलोकपुरी निवासी अमन (17) पुत्र बिजेंद्र परिवार के साथ यहां गंगा स्नान करने आया था। गंगा में डुबकी लगाने के दौरान पानी के तेज बहाव के चलते वह डूब गया। पिता बिजेंद्र व भाई तरुण के शोर मचाने पर नावों में सवार होकर निगरानी कर रही एनडीआरएफ टीम और पीएसी जवान दौड़ पड़े,
लेकिन तब तक अमन गंगा की जलधारा में समा चुका था। इस बीच 44 वीं वाहिनी पीएसी मेरठ के जवानों ने काफी मशक्कत के बाद शव बरामद कर लिया। कुल मिलाकर अमन की मौत जहां परिजनों को कभी न भूलने वाला गहरा सदमा दे गई है, वहीं सिस्टम के दावों की कलई भी खोल गई है।
मालूम हो कि ज्येष्ठ गंगा दशहरा मेले के दौरान इस बार पुलिस-प्रशासन और पालिका स्तर से डूबने वालों को बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम होने की बात कही गई थी। इसके चलते पहली बार वाराणसी से 36 सदस्यों वाली एनडीआरएफ टीम भी बुलाई गई गई थी।
वहीं तैराकी प्रशिक्षण कैंप में भाग ले रही मेरठ, गाजियाबाद और मुरादाबाद की पीएसपी कंपनी समेत पालिका के गोताखोर भी डूबने वालों को बचाने का जिम्मा संभाले हुए थे। नाव चलाकर गुजर बसर करने वाले मल्लाहों की भी ली गई।
सोमवार को मेला व्यवस्थाओं का जायजा लेने आए डीएम एके ढींगरा, एसपी अलृंकता सिंह और एडीएम रजनीश राय ने डूबने से कोई भी मौत न होने का दावा किया था। आला अफसरों का यह दावा पूरी तरह खोखला साबित हुआ है।
ज्येष्ठ दशहरा गंगा मेले के मुख्य स्नान पर्व में डुबकी लगाने के दौरान प्रेम गिरि, सुनील सिंह, उसकी पत्नी वीरवती मेरठ, हरपाल, उसकी बहन सुखबीरी, भांजा विवेक बुलंदशहर, जयपाल हापुड़, सुमन, उसका बेटा नवीन गाजियाबाद, जयवीर, उसका चाचा योगेश,
भतीजा सुंदर मयूर विहार दिल्ली विभिन्न स्थानों पर गहरे पानी में डूब रहे थे, जिन्हें 44 वाहिनी मेरठ के पीएसी कमांडर सुभाष चंद शर्मा के नेतृत्व में जवानों व वहां मौजूद मल्लाहों ने बचाया।