वाह री सिंभावली पुलिस... पहले तो थाने के दरोगा सिपाही साथ जाकर सहसपुर गांव निवासी दलित को अवैध शराब बेचने के आरोप में घर से उठा लाए। आरोपी ने 12 हजार रुपये थमा दिया तो पुलिस ने बिना कार्रवाई आरोपी को छोड़ दिया।
सोमवार को वसूली की शिकायत लेकर पीड़ित के परिजन व ग्रामीण एसपी के पास पहुंचे। अब एसपी ने शिकायत मिलने पर दरोगा के खिलाफ जांच बैठा दी है। सोमवार को एसपी कार्यालय पहुंचे सहसपुर निवासी ग्रामीणों ने बताया कि दलित बिरादरी का बिजेंद्र कुमार परचून की दुकान चलाता है।
22 जुलाई की शाम परिवार के लोग खाना खा रहे थे, तभी सिंभावली थाने का दरोगा और सिपाही पहुंच गए और जबरन घर में घुसकर बिजेंद्र सिंह को उठा लिया। परिवार ने विरोध किया तो दरोगा ने महिलाओं से अभद्रता कर कहा कि बिजेंद्र अवैध शराब की बिक्री करता है।
विरोध के बाद भी दरोगा बिजेंद्र सिंह को थाने लेकर आए। इसके बाद गांव के दलित समाज थाने पहुंचा और आरोप को निराधार बताकर पीड़ित को छोड़ने की मांग की। आरोप है कि दरोगा ने बिजेंद्र को छोड़ने के लिए 20 हजार रुपये की मांग की।
किसी तरह परिजनों ने गांव के ही एक व्यक्ति से ब्याज पर रुपये लेकर दरोगा को रुपये दिए तो बिजेंद्र घर पहुंचा।
एसपी अलंकृता सिंह का कहना है कि मामला गंभीर है। इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। एसपी से मिलने वालों में जगवीर, राजवीर, सुरेश चंद, अनिल कुमार,रणवीर सिंह जाटव, अर्जुन, राखी, मोनिका, राजवती आदि रहे।