एक साल से बेटे के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए माता-पिता आला-अधिकारियों के दरवाजे खटखटाते-खटखटाते थक गए हैं। अब उनको अपनी आखिरी उम्मीद के रूप में प्रदेश के सीएम योगी ही दिखाई दे रहे हैं।
एक साल पहले कुछ युवकों ने उनके बेटे की हत्या कर उसका शव सड़क किनारे फेंक दिया था, माता-पिता का आरोप है कि पुलिस ने हत्या के मामले को दुघर्टना बताते हुए एफआर दर्ज कर मामले को रफा-दफा कर दिया।
इसीलिए अब वे लोग जल्दी ही मामले को लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री के समक्ष रखेगें और घटना से जुड़े सबूत भी उनके सामने पेश करेंगे। दरअसल मुरादपुर निवासी भवानी सिंह के 26 वर्षीय पुत्र झनक सिंह को 26 जून 2015 को पड़ोस का ही एक युवक घर से बुलाकर ले गया था।
भिवानी सिंह ने बताया कि 27 जून की सुबह पड़ोसी युवक के भाई ने सूचना दी कि दोनों युवकों का बुलंदशहर जाने के दौरान गांव इंम्टोरी के पास एक्सीडेंट हो गया है। बेटे झनक सिंह के साथ गए पड़ोसी युवक को हापुड़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर युवक से बेटे के बारे में पूछताछ की तो उसने झनक की जानकारी होने से साफ इंकार कर दिया। काफी खोजबीन करने के बाद युवक का शव देहात थाना क्षेत्र के बाईपास पर मिला। पिता का आरोप है कि जहां एक्सीडेंट हुआ वहां कोई निशान नहीं थे।
मृतक की जीभ भी बाहर निकली हुई थी। इससे स्पष्ट होता है कि युवक की मौत गला दबाने से हुई है। मृतक के साथ जो दोस्त गया था वह भी घायल नहीं था और पूंछे जाने पर बार-बार बयान बदल रहा था।
इस स्थिति के बावजूद पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं खुद ही तहरीर लिखकर दुर्घटना की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और जांच की औपचारिकता के बाद मामले में एफआईआर लगा दी।
पुलिस की ओर से संतुष्टित जांच ना होने के कारण माता-पिता अब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उनका ये दर्द किसी भी अधिकारी के दिल तक नहीं उतरा।
पिता भवानी सिंह का कहना है कि पुलिस अधिकारी तथ्यों और सुबूतों पर ध्यान दिये बिना हत्या को दुर्घटना करार दे रहे हैं। अब इस मामले में वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार में सबूतों और तथ्यों के साथ गुहार लगाएंगे।
इस सिलसिले में एसपी हेमंत कुटियाल का कहना है कि मामला उनके कार्यकाल से पहले का है। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।