प्राचीन माता मोहल्ले में दस दिन पहले जमीन दरकने से कई मकानों में दरार आने व छत और फर्श चटकने से यहां के बाशिंदे खौफजदा हैं। बरसात में मकान ढहने का भय सता रहा है। ऐसे में आसमान में बदली छाने पर यहां के लोग अनजाने भय से कांप उठते हैं।
बुधवार को यही हुआ, आसमान में बदली छाने व रात में बिजली चमकने से लोगों की नींद उड़ गई। डरे सहमे लोग रात भर घरों के बाहर बैठे रहे। इससे भयभीत दो परिवार मोहल्ले से पलायन कर गए। वहीं, रात भर घर के बाहर रहने से एक व्यक्ति को बुखार हो गया।
प्राचीन माता मोहल्ले में दस रोज पहले जमीन दरकने से मकानों में दरार आने, छत व फर्श चटकने की घटना के बाद इलाकाई लोगों के हो-हल्ला मचाने पर आला अफसरों ने एनडीआरएफ से जांच कराने की बात कही थी,
लेकिन दस दिन बीतने के बाद भी अभी तक जांच शुरू नहीं हो सकी है। इधर कई दिन से मौसम का मिजाज कुछ-कुछ बिगड़ने से आसमान में बादल छाने से मोहल्ले वालों की सांसे अटक गई हैं। क्योंकि उनके मकानों में पहले ही काफी दरार आ चुकी है।
ऐसे में यदि तेज बारिश होती है तो मकानों के ढहने का डर है। इससे भयभीत मोहल्ले के महेंद्र सिंह व किशन गोपाल अपने परिवार के साथ पलायन कर गए हैं।
पीड़ित महेंद्र सिंह व किशन गोपाल ने बताया कि मकानों में काफी दरार पड़ चुकी हैं। 28 वर्ष पूर्व भी मकान में दरार आने के कारण एक मकान धंस गया था। बारिश का मौसम हो रहा है, ऐसे में तेज बारिश होते ही घर गिर सकते हैं।
इसलिए वह घर छोड़कर जा रहे हैं। वहीं, रात में आसमान में बादल छाए रहे, कुछ देर बारिश भी हुई। इससे भयभीत होकर नागरिक रात भर अपने घर से बाहर रहे। रातभर जागने से मोहल्ला निवासी शमशुद्दीन को बुखार हो गया है।