दूल्हे के पिता को दहेज में अल्टो के स्थान पर बुलेरो की मांग करना मंहगा पड़ गया। इससे गुस्साए ग्रामीणों और लड़की वालों ने बारात की बस में तोड़फोड़ कर बारात को बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बारातियों को छुड़ाकर वापस लौटा दिया है, लेकिन दूल्हा और परिजन रात तक बंधक बने हुए थे।
सिंभावली क्षेत्र के गांव हिम्मतपुर में रविवार दोपहर को मेरठ के गांव बहरोड़ा थाना किठौर से बारात आई थी। लड़की वालों समेत ग्रामीणों ने बारात का गर्मजोशी से स्वागत-सत्कार किया। गांव में हर तरफ बारातियों की आवभगत की गई।
बारात ने नाश्ते के बाद खाने का लुत्फ उठाया। जैसे ही निकाह की बारी आई तो बात बिगड़नी शुरु हो गई। लड़के के पिता ने दहेज में दी जा रही अल्टो कार लेने से इंकार कर दिया। इसकी जगह बोलेरो की मांग रख दी। इतना ही नहीं, बोलेरो के बिना निकाह से इंकार कर दिया।
ग्रामीणों और लड़की पक्ष के लोगों ने काफी मिन्नतें कीं, लेकिन वह टस से मस नहीं हुए। इससे लड़की वाले और रिश्तेदारों समेत ग्रामीणों के तेवर चढ़ गए। उन्होंने बारात की कार और बस में तोड़फोड़ कर शीशे चकनाचूर कर दिए। यह देखकर बारात में भगदड़ मच गई।
ग्रामीणों ने बारातियों को घेरकर एक हाते में बंधक बनाकर अपने कब्जे में कर लिया। गांव से भागे बारातियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इससे पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस आनन फानन में मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों के जबरदस्त विरोध और हंगामें के बाद भी ग्रामीण और लड़की वालों को समझा बुझाकर शांत किया।
इसके बाद बंधक बनाए गए बारातियों को ग्रामीणों की सहमति से मुक्त कराकर बस से मेरठ को भेज दिया। ग्रामीणों ने दूल्हे और उसके परिजनों को छोड़ने से साफ इंकार कर दिया। लड़की पक्ष ने रिश्ता और बारात के खानपान तथा उपहार में दिए गए जेवर-कपड़े समेत नकदी वापस मिलने तक दूल्हे और उसके परिवार वालों को मुक्त करने से इंकार कर दिया।
समाचार लिखे जाने तक पुलिस समेत सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में लड़की और लड़का पक्ष के बीच वार्ता चल रही है, लेकिन लेनदेन का मामला नहीं निपट पाया है। खुद को फंसा देखकर लड़का पक्ष के लोगों ने बाद में बिना बोलेरो के निकाह करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन लड़की पक्ष के लोग किसी तरह भी तैयार नहीं हुए।