कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अलीनगर से दो दिन पूर्व लापता हुए बिरयानी विक्रेता का शव बुधवार शाम रामपुर रोड पर एक खेत में पड़ा मिलने से हड़कंप मच गया। युवक के गले में रुमाल बंधा था और चेहरे को किसी ज्वलनशील पदार्थ से झुलसाने या कुचले जाने का अंदेशा है।
हत्यारोपियों की गिरफ्तारी मांग कर परिजनों ने काफी देर शव नहीं उठने दिया और हंगामा किया। बाद में पुलिस के उच्चाधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर शव पोस्टमार्टम को भेजा है।
अलीनगर निवासी मोहम्मद असलम (35) सोमवार रात करीब सवा आठ बजे अपने पुत्र साबेज को पड़ोस की एक शादी में दावत खाने के लिए भेजकर मोबाइल पर बात करते हुए घर से निकल गया था। दो दिन लापता रहने पर परिजनों ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए तहरीर भी दी थी।
बुधवार शाम करीब साढ़े सात बजे रामपुर रोड स्थित एक खेत में एक शव पड़ा होने की सूचना अलीनगर के लोगों को मिली। बाद में शव की शिनाख्त असलम के रूप में हुई। मृतक के गले में रुमाल से फंदा लगा हुआ था।
चेहरे पर भी ज्वनलशील पदार्थ फेंककर शव की शिनाख्त मिटाने की कोशिश की गई थी। सूचना पर सीओ सिटी विशाल यादव, एसएचओ वीरेंद्र सिंह यादव, एसओ देहात दीक्षित त्यागी भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की।
हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर परिजनों ने शव को उठने नहीं दिया। बाद में एएसपी रामनयन यादव पहुंचे और परिजनों को शांत आश्वासन देकर किया। एएसपी ने बताया कि विभिन्न बिदुंओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
असलम की जेब से उसका मोबाइल और नगदी पुलिस को मिली है। इससे पुलिस का मामला है यह लूटपाट का मामला तो नहीं है। पुलिस रंजिश के एंगल से अभी देख रही है। उसकी पत्नी रुकसाना का रो रोकर बुरा हाल हो गया। उसके छह बच्चे हैं। असलम बुलंदशहर रोड स्थित पुरानी चुंगी पर बिरयानी का ठेला लगाकर किसी तरह बच्चों का पालन पोषण करता था।