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पुलिस की कार्यप्रणाली से लोगों में गुस्सा

Mon, 12 Jun 2017 10:26 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
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लोगों में गुस्सा - फोटो : अमर उजाला
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गांव वैट से प्रतिबंधित पशु की खाल के साथ पकड़े गए आरोपी को छोड़ने और खाल को भैंस की बताने से लोगों में रोष है। गुस्साए लोगों ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई और एसओ की भूमिका की जांच कराने की मांग की है।
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सोमवार को सिंभावली के बक्सर गांव के लोग प्रदीप भाटी के नेतृत्व में एकत्र हुए और एसओ सिंभावली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि सिंभावली पुलिस ने वैट के ग्रामीणों की शिकायत पर वैट के रहने वाले एक युवक को प्रतिबंधित पशु की खाल के साथ शनिवार को गिरफ्तार किया था,

लेकिन रविवार को पुलिस ने आरोपी से साठगांठ कर खाल को भैंस की बताते हुए उसे छोड़ दिया। आरोपी और उसके पिता समेत परिजनों पर पहले भी गोकशी के मामले में छह मुकदमे दर्ज हैं।
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ऐसे में बिना जांच पड़ताल के आरोपी को छोड़ने में थानाध्यक्ष समेत उनकी टीम की भूमिका भी संदेह के दायरे में आ रही है। प्रदर्शनकारियों ने सीओ एसपी दुबे से आरोपी की गिरफ्तार और पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

प्रदर्शन करने वालों में गौरव, तनुज शर्मा, नितिन, रविंद्र पाल, शुभम, पुष्पेंद्र शर्मा, राहुल, मनिंदर शामिल रहे। सीओ एसपी दुबे ने बताया कि सिंभावली एसओ को आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। पुलिस भूमिका की भी जांच कराई जाएगी।

उधर, गांव माधापुर के जंगल में बांधकर डाली गई भैंस की सोमवार सुबह भूख-प्यास से तड़पकर मौत हो गई। ग्रामीणों ने आरोपियों की तलाश कर कार्रवाई की गुहार लगाई है।

सिंभावली क्षेत्र के गांव माधापुर के ग्रामीणों ने सोमवार सुबह जंगल में एक खेत में चारों पैर बांधकर डाली हुई एक भैंस दिखाई दी। ग्रामीणों ने आनन-फानन में उसके पैर खोलकर पानी पिलाने की कोशिश की, लेकिन भैंस ने दम तोड़ दिया।

इसकी सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। ग्रामीण ईश्वर, भागमल, पंकज, दीपक, जयकरण, संत सिंह का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी कई घंटों तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इससे ग्रामीणों में रोष है।

ग्रामीणों ने मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसओ दीक्षित त्यागी ने बताया कि मृत पशु को गड्ढे में दबवा दिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।

वहीं खादर क्षेत्र के लठीरा गांव के पास जंगल में रविवार रात करीब 11 बजे एक कैंटर रुकी। आसपास पालेज की खेती करने वाले किसानों ने कैंटर में गोवंश होने की आशंका जताई है।

उन्होंने बताया कि कैंटर पर त्रिपाल पड़ा था और उसमें से गोवंश के रंभाने की आवाजें आ रही थीं। जब किसानों ने कैंटर का पीछा किया तो आरोपी फायरिंग करते हुए भाग गए। इंस्पेक्टर समरजीत सिंह का कहना है कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
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