सिंभावली क्षेत्र के एक गांव में भरी पंचायत में आरोपी को पीड़ित महिला से चार जूते मरवाकर गैंगरेप का फैसला करा दिया गया। पंचायत ने गैंगरेप के दोनों आरोपियों पर पांच लाख रुपये का अर्थदंड लगाया।
एक आरोपी सवा लाख रुपये अर्थदंड देकर सजा से बच गया तो दूसरे को रकम अदा न कर पाने की वजह से सरेआम जूते मारे गए। पंचायत के इस तुगलकी फरमान के बाद दोनों पक्षों में फैसला हो गया।
गैंगरेप का मामला छह दिन पुराना है और सिंभावली थाने में एफआईआर भी दर्ज है, लेकिन पुलिस पंचायत होेने की जानकारी से इंकार कर रही है।
सिंभावली क्षेत्र के एक गांव की महिला छह दिन पहले मेडिकल स्टोर से दवा लेने गई थी। शुगर मिल गेट के सामने पड़ोस के दो युवकों ने लिफ्ट देकर महिला को बाइक पर बैठा लिया और घर छोड़ने को कहा।
वे दोनों महिला को जंगल में ले गए और चाकू के बल पर उससे गैंगरेप किया। आरोपियों ने महिलाओं को पुलिस से शिकायत करने पर उसके बच्चों को मारने की धमकी दी। घर पहुंचकर महिला ने परिजनों को आपबीती सुनाई।
इस पर पति उसे सिंभावली थाने में ले गया और 25 दिसंबर को दो युवकों के खिलाफ गैंगरेप की एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश भी दी थी।
उधर, आरोपियों ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए ग्रामीणों के साथ मिलकर मंगलवार को पंचायत बुला ली। पीड़ित महिला के पति ने पंचोें के सामने पांच लाख का हर्जाना देने की शर्त रख दी। जिस पर एक आरोपी आर्थिक तंगी का हवाला देने लगा तो पंचायत के फरमान पर महिला ने उसे चार जूते मारे।
दूसरे आरोपी ने पंचायत के सामने सवा लाख रुपये दे दिए और अपनी हरकत पर कान पकड़कर तौबा की। इसके बाद पंचों ने उसे माफ कर दिया। गांव में पंचायत होने की जानकारी से पुलिस इंकार कर रही है।