टूटे बिजली तार की चपेट में आने से एक की मौत
गढ़मुक्तेश्वर। गांव हरौड़ा के जंगल में शुक्रवार रात बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई। इस दौरान वहां तैनात बिजली निगम के कर्मचारी फीडर बंद कर भाग गए। इससे कई गांवों की बिजली रात गायब रही जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सिंभावली क्षेत्र के गांव हरौड़ा में अपने बहनोई के पास आए इलियास निवासी जखैड़ा रहमतपुर शुक्रवार रात घर से बाग की रखवाली के लिए जंगल जा रहा था। रास्ते में सतीश के बाग में टूटे बिजली के तार की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई। मजदूर की मौत की खबर मिलते ही ग्रामीणों के हंगामे के डर से हरौड़ा फीडर पर तैनात कर्मचारी फीडर बंद कर भाग गए। इस कारण फीडर से जुड़े आधा दर्जन से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। शनिवार सुबह करीब दस बजे बिजली आपूर्ति सुचारू होने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। जेई राजकुमार का कहना है कि तार टूटने के कारण एहतियात के तौर पर रात में फीडर बंद रखा गया था। शनिवार सुबह तार को ठीक कराने के बाद आपूर्ति सुचारू करा दी गई है।
परिजनों ने रात एक बजे तक किया हंगामा
गढ़मुक्तेश्वर। हाईटेंशन तार की चपेट में आने से हुई मजदूर की मौत के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने रात करीब एक बजे तक हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझा कर शांत कराने के बाद शव को कब्जे ले लिया।
गांव जखैड़ा का इलियास सिंभावली के गांव हरौड़ा निवासी अपने साले जरीफ के बाग की रखवाली का करता था। जब वह बाग में जा रहा था तब हाईटेंशन तार की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। करीब एक घंटे बाद बाग में जा रहे ग्रामीणों ने शव देखा। उसके बाद सूचना देकर फीडर से बिजली आपूर्ति बंद कराई। मौत की सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण और उसके परिजन मौके पर पहुंच गए जिन्होंने बिजली निगम के अधिकारियों कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों को पुलिस को सूचना देते हुए बिजली निगम के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाने की मांग की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया, तो ग्रामीणों ने दोबारा हंगामा शुरू कर दिया। देर रात करीब एक बजे तक ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए शव नहीं उठाने दिया। काफी समझाने के बाद ग्रामीण और परिजन शांत हुए।