डबल मर्डर के मामले में तीन साल से फरार इनामी दबोचा
गढ़मुक्तेश्वर। आन की खातिर परिजनों के साथ मिलकर अपनी बहन और उसके प्रेमी को मौत के घाट उतारने वाला पांच हजार का इनामी पुलिस की पकड़ में आ गया। उसके खिलाफ अदालत में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है।
एसपी के निर्देशन में वारंटी और वांछित अपराधियों की धरपकड़ को चलाए जा रहे अभियान के तहत एसओ जयपाल रावत के नेतृत्व में बहादुरगढ़ पुलिस बृहस्पतिवार देर रात वाहन चेकिंग कर रही थी। इस दौरान पता चला कि गांव पलवाड़ा के टैंपू अड्डे पर संदिग्ध हालात में घूम रहा एक युवक पकड़ में आ गया। डीएसपी संतोष मिश्रा ने बताया कि पकड़ में आया युवक गढ़ के गांव चैटावाली मंढैया निवासी महावीर सैनी का बेटा आकाश है, जो 8 मार्च 2015 की रात अपनी बहन संजो और उसके प्रेमी भोपाल जाटव निवासी फरीदपुर जनपद अमरोहा की गोली मारकर हत्या करने के मामले में तीन साल से फरार था। डीएसपी ने बताया कि डबल मर्डर केस में महावीर सैनी, उसके भाई केशव, विद्या सागर समेत कैलाश, रोहताश और आनंद तभी से जेल में निरुद्ध चल रहे हैं। आकाश के पकड़ में न आने पर विभागीय स्तर से उस पर पांच हजार का इनाम घोषित कर 13 फरवरी 2016 को उसके घर की कुर्की करने के बाद 22 फरवरी 2016 को अदालत में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि डबल मर्डर के मामले में तीन साल से फरार आरोपी को दबोचने वाले पुलिस टीम को विभागीय स्तर से पुरस्कृत करने की संस्तुति भी की गई है।
गैर बिरादरी के युवक से प्रेम संबंध परिजन को नहीं था मंजूर
गंगा में शव फेंकने ले जाते समय गश्त कर रही पुलिस को देख जंगल में फेंक दिए थे
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। गैर बिरादरी के युवक से प्रेम संबंध मंजूर न होने के कारण परिजनों ने आन की खातिर अपनी बेटी समेत उसके प्रेमी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उन्होंने अपना जुर्म छिपाने के लिए दोनों के शव गंगा में बहाने ले जा रहे थे मगर रास्ते में गश्त कर रही पुलिस को देख शवों को जंगल में ही फेंककर भाग निकले थे।
13 मार्च 2015 को मोहम्मदपुर के जंगल में अज्ञात युवक-युवती के शव मिले थे। इसमें कॉलेज के पहचान पत्र से युवती की शिनाख्त चैटावाली मंढैया के महावीर की बेटी संजो और युवक की शिनाख्त अमरोहा के गांव फरीदपुर के भोपाल जाटव के रूप में हुई थी, जो चौपला पर एक निजी चिकित्सक के पास कंपाउंडर का काम करने के साथ ही मेरठ के महावीर मेडिकल कॉलेज में फार्मासिस्ट की पढ़ाई भी कर रहा था। पकड़ में आने पर महावीर समेत उसके परिजनों का कहना था कि लड़का जाटव था, इसलिए बिरादरी में नाक कटने के डर से उन्होंने अपनी बेटी संजो समेत उसके प्रेमी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्यारोपियों ने बताया था कि रात के अंधेरे में वे शवों को पूठ गंगा में बहाने ले जा रहे थे, जिसके बाद भोपाल के खिलाफ बेटी को बहका फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट लिखाई जाती मगर रास्ते में गश्त कर रही पुलिस को देख वे शवों को खेत में फेंक आए थे। उस समय युवक और युवती के अलग-अलग रिश्ते भी तय हो गए थे।