हाफिजपुर पुलिस ने गांव महमूदपुर नहर पुल के समीप वाहन चेकिंग के दौरान मुठभेड़ के बाद 10 तार चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से चोरी के साढ़े चार टन तार, एक मिनी ट्रक, एक कार, दो तमंचे, तार काटने का कटर व अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
बरामद बिजली के तार की कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है। पकड़े गए चोर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जंगलों से तार चोरी करते थे। एसपी अलंकृता सिंह ने बताया कि हाफिजपुर थानाध्यक्ष शावेज खान पुलिस टीम के साथ गांव महमूदपुर के समीप वाहनों की चेकिंग कर रहे थे।
इसी दौरान एक मिनी ट्रक व एक कार आती दिखाई दी। पुलिस ने मिनी ट्रक को रोकने का इशारा किया तो चालक ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने घेराबंदी शुरू की तो पीछे से आ रहे कार सवार बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग करनी शुरू कर दी।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर दस तार चोरों को पकड़ लिया। इस दौरान मौका पाकर जोनी उर्फ मोटा उर्फ सलाउद्दीन निवासी खरखौदा मेरठ भाग गया।
पूछताछ में चोरों ने अपना नाम इमरान उर्फ चाचा निवासी गांव निडौरी थाना मसूरी जिला गाजियाबाद, मोनू जाट निवासी गांव मसौता मसूरी, दीपक तोमर निवासी गांव लाखन पिलखुवा, रितेश व सुमित निवासी गांव तुमरैल, दीपक उर्फ काला निवासी गांव मीट्ठेपुर गुलावठी, शहजाद निवासी गांव जानी मेरठ,
जावेद निवासी मोहल्ला गावियान कस्बा सिवाल मेरठ, आरजू व हैदर निवासी मोहल्ला भेड़वा कस्बा सिवाल मेरठ बताया है। एसपी ने बताया कि गैंग के सदस्य दिन में बाइक पर घूमकर रेकी कर घटना को अंजाम देते थे।
पकड़े गए चोरों में शामिल सात चोर पहले मे भी जेल जा चुके हैं। ये चोर गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा सहित पश्चिमी यूपी के शहरों से गांवों की ओर जाने वाले मार्गों या जंगल के तार काटकर बुलंदशहर या दिल्ली में बेच देते थे। एसपी ने बताया कि इमरान, जोनी व मोनू गैंग के सरगना हैं।
तार चोरों को पकड़ने वाली टीम को एसपी हापुड़ ने पांच हजार रुपये का इनाम दिया। साथ ही डीआईजी मेरठ रेंज ने पुलिस टीम को बधाई देते हुए 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
तार चोरी की घटनाओं रोकने के लिए पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर ऊर्जा निगम ने भी खुशी जाहिर की है। यूपीपीसीएल के मैनेजिंग डायरेक्टर विशाल चौहान ने चोरों को पकड़ने वाली टीम को बधाई दी है। साथ ही टीम को लखनऊ बुलाकर सम्मानित करने की बात भी कही है।