सोनिया गांधी वोटर लिस्ट विवाद में नया मोड़
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सोनीया गांधी मतदाता सूची मामले में विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए मामले) ने उस पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार कर लिया है, जो भारतीय नागरिक बनने से पहले कांग्रेस नेता सोनीया गांधी का नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने से जुड़ी शिकायत में मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश के खिलाफ दायर की गई थी।
अब नए सिरे से होगी सुनवाई
सत्र अदालत ने 2025 में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेश को रद्द कर दिया है। मामले को नए सिरे से सुनवाई और कारण स्पष्ट करने वाला आदेश पारित करने के लिए वापस भेज दिया गया है। मजिस्ट्रेट अदालत ने कांग्रेस नेता सोनीया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली शिकायत को खारिज कर दिया था।
मजिस्ट्रेट अदालत की टिप्पणी को बताया गलत
सत्र अदालत ने कहा कि शिकायत को एक अप्रमाणित रिकॉर्ड की फोटोकॉपी के आधार पर महज एक तथ्यात्मक दावा मानकर खारिज किया गया था। अदालत ने कहा कि यह आदेश रद्द किए जाने योग्य है। सत्र अदालत ने नागरिकता से जुड़े मुद्दों पर क्षेत्राधिकार के संबंध में मजिस्ट्रेट अदालत की टिप्पणी को गलत पाया।
29 सितंबर को अगली सुनवाई
सत्र अदालत ने कहा कि चुनौती दिए गए आदेश में इस बात पर कोई स्पष्ट कारण नहीं दिया गया है कि क्या संज्ञेय अपराध का खुलासा होता है या नहीं। सत्र अदालत ने कहा कि नागरिकता के संबंध में केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग को लेकर की गई टिप्पणियां उचित नहीं थीं। मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए वापस भेज दिया गया है और इसे 29 सितंबर को सूचीबद्ध किया गया है।