गांव अच्छेजा में प्रस्तावित जिला कोर्ट के लिए किसानों की शर्तों से परेशान न्याय विभाग के बदले इरादे को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने पंचायत की। इसमें किसानों ने बिना शर्त अपनी जमीन देने की घोषणा की। किसानों का कहना है कि उन्हें सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिलना तय हुआ था।
इस पर किसान राजी हैं, लेकिन जिन किसानों की ग्रीन बेल्ट में जमीन आने के कारण जब प्रशासन ने उनकी जमीन को लेने से मना कर दिया तो वह किसान मनगढ़ंत कहानी बनाकर प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
मंगलवार को गांव अच्छेजा में राकेश त्यागी के अहाते में किसानों की पंचायत हुई। इसकी अध्यक्षता प्रधान नरेंद्र त्यागी ने की। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले जिला एवं सत्र न्यायालय बनाने के लिए गांव अच्छेजा के 72 किसानों की करीब 18 हेक्टेयर जमीन को देखा गया था।
इसमें से कुल 52 किसानों की जमीन को फाइनल किया गया था। क्योंकि शेष किसानों की भूमि बाइपास के पास ग्रीन बेल्ट में आने के कारण जमीन लेने के लिए प्रशासन और न्याय विभाग के अधिकारियों ने इंकार कर दिया था।
उन्होंने बताया कि किसानों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिलना भी तय हुआ था। इस बात पर किसान राजी हो गए थे। लेकिन अब वह किसान इस बात पर अड़ंगा लगा रहे हैं कि जमीन देने के लिये किसानों ने कुछ शर्त रखी हैं।
पंचायत को संबोधित करते हुए राकेश कुमार ने कहा कि किसान सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिलने की बात पर राजी हैं। किसानों को न तो कोई नौकरी चाहिए और न ही पेंशन। ग्रीन बेल्ट की जो जमीन छोड़ी गई है,व ह किसान अपनी आपत्ति कर रहे हैं।
यदि प्रशासन को किसानों की बात पर विश्वास नहीं है तो पहले कब्जा लिया जाए और बाद में किसानों को मुआवजा दिया जाए। पंचायत में ऋषि चावला, विनोद अग्रवाल, दिनेश त्यागी, महेंद्र त्यागी, राजपाल त्यागी, मुन्ना लाल, छिद्दा सिंह, दिनेश कुमार, तेजपाल सिंह, अशोक कुमार, ओमकार सिंह,रामपाल बंसल, देवेंद्र, देवराज आदि मौजूद रहे।