संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़मुक्तेश्वर। कोराना काल के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले कांग्रेस नेता सचिन चौधरी की मुश्किल और बढ़ गईं हैं। अपने बचाव में उनके द्वारा दाखिल की गई याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।
गढ़ अमरोहा लोकसभा सीट पर वर्ष 2019 में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में किस्मत आजमाने वाले सचिन चौधरी की मुश्किल कम होने की बजाए और भी बढ़ गईं हैं। मूलरूप से गढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांव कनिया कल्याणपुर के रहने वाले सचिन चौधरी पर कोरोना काल के दौरान पीएम मोदी और सीएम योगी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का आरोप है। संबंधित मामले में केस दर्ज किए जाने के बाद पासपोर्ट जब्त होने के साथ ही सचिन चौधरी को करीब सवा माह तक जेल भी काटनी पड़ी थी। वर्तमान में सचिन चौधरी ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी में सचिव पद के साथ ही उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में महासचिव पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्नी आभा चौधरी पर भी पिछले दिनों जीएसटी विभाग ने कड़ी कार्रवाई की थी। टीम ने उनकी फर्म के खाते सीज कर कई महत्वपूर्ण अभिलेखों को जांच के लिए कब्जे में ले लिया था।
सचिन चौधरी के खिलाफ दर्ज हुए मामले में देशद्रोह का आरोप लगाते हुए संबंधित कोर्ट में अभियोग पत्र भी दाखिल कर दिया गया है। मामले में अपना बचाव करने के लिए लेकर दायर की गई याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा सिरे से खारिज कर दिया गया है। जिससे अपने खिलाफ चल रहे कानूनी दांवपेंच में कोई राहत मिलने की बजाए सचिन चौधरी की मुश्किल और भी बढ़ गई है। सचिन चौधरी का कहना है कि भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार द्वेषपूर्ण भावना से कार्रवाई करा रही है। कोरोना काल में हुई घोर लापरवाही को लेकर की गई टिप्पणी को देशद्रोह जैसे गंभीर मामले के दायरे में लाना किसी भी रूप में उचित नहीं है परंतु सत्ता के दबाव में मनमाने ढंग में कार्रवाई करते हुए उनकी पत्नी की फर्म के बैंक खाते तक सीज कर दिए गए हैं।