ब्रजघाट में गंगा पुल पर जलतीं रंग बिरंगी लाइट। फाइल फोटो
ब्रजघाट। गंगानगरी ब्रजघाट को आकर्षक और पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के उद्देश्य से गंगा पुल पर लगाई गई रंग-बिरंगी लाइटें अब शोपीस बनकर रह गई हैं। पर्यटन विभाग द्वारा लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई ये लाइटें पिछले करीब एक साल से नियमित रूप से नहीं जल रहीं, जिससे सुंदरीकरण की पूरी योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गंगा सभा आरती समिति के संचालक कपिल नागर ने बताया कि गंगा पुल को रात के समय आकर्षक बनाने और पर्यटकों को लुभाने के लिए इन लाइटों को विशेष रूप से लगाया गया था। शुरुआती दिनों में कुछ समय तक लाइटें जलीं भी, लेकिन धीरे-धीरे इनका संचालन ठप पड़ गया। वर्तमान में स्थिति यह है कि पुल पर अंधेरा पसरा रहता है और रंग-बिरंगी रोशनी का नजारा देखने को नहीं मिलता। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है। जिम्मेदार विभाग इस समस्या को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा, जिसके चलते लाखों रुपये की लागत से किया गया कार्य बेकार साबित हो रहा है। गौरतलब है कि ब्रजघाट गंगा तट धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में पुल पर रोशनी की व्यवस्था न होना न केवल सुंदरीकरण को प्रभावित करता है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय बन गया है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बंद पड़ी लाइटों को जल्द से जल्द दुरुस्त कर नियमित रूप से चालू कराया जाए, ताकि गंगानगरी की सुंदरता बनी रहे और पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
एसडीएम श्रीराम सिंह ने बताया कि पर्यटन विभाग से वार्ता कर लाइटों को चालू कराया जाएगा। इससे सुंदरीकरण पर विपरीत प्रभाव न पड़े।