तापमान में गिरावट से दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों में कोल्ड डायरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। कोठी गेट स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय में लगातार कोल्ड डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ रही है।
चिकित्सकों का मानना है कि पीड़ित बच्चों के इलाज में देरी से रोग जानलेवा भी साबित हो सकता है। राजकीय महिला चिकित्सालय प्रभारी डॉ. योगेश ने बताया कि कोल्ड डायरिया रोटा वायरस के संक्रमण से उत्पन्न होता है।
इस बीमारी के प्रकोप से बच्चे को लूज मोशन होने लगता है। उन्होंने बताया कि पानी की कमी व संक्रमण के कारण बच्चा 24 घंटे में ही बेहाल हो जाता है। जिन बच्चों का दो माह की उम्र में टीकाकरण नहीं किया जाता।
ऐसे बच्चों पर रोटा वायरस का संक्रमण तेज होता है। उन्होंने बताया कि तापमान के नौ डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचते ही शिशुओं में कोल्ड डायरिया का प्रकोप बढ़ने लगता है।
दो वर्ष तक के बच्चों पर वायरस के अटैक की संभावनाएं ज्यादा रहती हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वह बच्चे के इलाज में लापरवाही न बरतें।