हापुड़। कोरोना काल में मिले 13 वेंटिलेटर अब गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने वाले बच्चों के लिए जीवनरक्षक साबित होंगे। इन वेंटिलेटर का इस्तेमाल पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) वार्ड में किया जाएगा। इससे सांस लेने में परेशानी और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। अस्पताल में बच्चा नर्सरी के पास ही पीकू वार्ड तैयार किया जा रहा है।
पीकू वार्ड में गंभीर हालत में आने वाले बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार दिया जाएगा। वेंटिलेटर की सुविधा मिलने से उन बच्चों को राहत मिलेगी, जिन्हें सांस लेने में दिक्कत होने पर तत्काल गहन चिकित्सा की जरूरत पड़ती है। अभी तक ऐसे बच्चों के उपचार में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पीकू वार्ड शुरू होने से गंभीर मरीजों को समय पर जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
अस्पताल प्रशासन की ओर से वार्ड को तैयार करने की प्रक्रिया की जा रही है। बच्चा नर्सरी के नजदीक वार्ड बनाए जाने से नवजात और गंभीर रूप से बीमार बच्चों की देखभाल में भी सुविधा होगी। वेंटिलेटर सहित जरूरी उपकरणों की उपलब्धता से बाल चिकित्सा सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, ऑक्सीजन प्लांट की पाइपलाइन इस वार्ड तक भी बिछाई जाएगी, ताकि ऑक्सीजन की कमी न रहे और बच्चों सहित अन्य मरीजों को तत्काल ऑक्सीजन मिल सके। वहीं, पीकू वार्ड शुरू होने के बाद गंभीर बच्चों को बेहतर उपचार देने के साथ उनकी जान बचाने में भी मदद मिलेगी।
वेंटिलेटर से बचेगी बच्चों की जान
कोरोना काल में 13 वेंटिलेटर मिले थे। अब इन्हें पीकू वार्ड में लगवाया जा रहा है। नवजात बच्चों की जान बच सकेगी। तेजी से यह कार्य कराया जा रहा है।
— डॉ. हेमलता, सीएमएस