राष्ट्रीय कृमि दिवस पर डिवर्मिंग की दवा खाने से बीमार हुए तीन बच्चों की हालत सुधरने की बजाए और बिगड़ गई है। इनमें से एक को बुधवार को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
सिंभावली क्षेत्र में 28 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि दिवस के उपलक्ष्य में सरकारी अस्पताल के स्टाफ ने बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवा खिलाई थी। दवा खाने से सानिया पुत्री यामीन, सानिया पुत्री अनवर मलिक और सना पुत्री साबिर की तबियत बिगड़ गई थी।
इनका तभी से निजी चिकित्सक से इलाज चल रहा था। बुधवार को इन बच्चों की हालत और बिगड़ गई। आनन फानन में परिवार के लोग बच्चियों को लेकर पीएचसी पहुंचे। वहां से चिकित्सकों ने सानिया को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
बच्चों की तबीयत बिगड़ने से परिजनों में गुस्सा है। उन्होंने कहा कि अगर पता होता कि दवा खाने से बच्चे बीमार हो जाएंगे, तो वह कभी उन्हें दवा नहीं खाने देते।
पीएचसी इंचार्ज डॉ. दिनेश भारती ने बताया कि दो बच्चियों की हालत ठीक है, जबकि सानिया को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।