कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय..., केरवा के पांत पर उगेलन सूरुजमल हो... आदि छठ गीतों से ब्रजघाट गुंजायमान रहा। रविवार को गंगानगरी में डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर उपासकों ने अपने परिवार की कुशलता की कामना की। सोमवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर महापर्व संपन्न होगा।
छठ पर्व के उपलक्ष्य में देश की राजधानी समेत विभिन्न शहरों से आए भक्तों ने रविवार शाम ब्रजघाट पर गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। व्रतियों ने केले के पत्ते, शकरकंद, सिंघाड़ा, सेब, अनार, अनानास, मूली, लाल फूल, गन्ना समेत विभिन्न फल फूल से सूर्यदेव की पूजा अर्चना की।
रामवती, शोभा, सीमा, यशोदा, देवकी, राधा ने बताया कि छठ पर सूर्यदेव की पूजा अर्चना करने से मनोवांछित फल और पापों से मुक्ति मिलती है। श्रद्धालु सोमवार सुबह उगते सूरज को अर्घ्य देकर 36 घंटों से चल रहे निर्जला को व्रत खोलेंगे।
इस दौरान जमकर आतिशबाजी भी की गई। वहीं, पिलखुवा में मोहल्ला बजरंगपुरी में रविवार शाम महिलाओं ने घाट पर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर मंगलकामना की।
हाईवे पर बढ़ा वाहनों का दबाव, लगा जाम
छठ पूजा के दौरान गढ़गंगा जाने वालों भक्तों का तांता लगा रहा, जिसके चलते हाईवे पर वाहनों के दबाव से रविवार को जाम लग गया। पुलिस ने काफी मशक्कत से जाम खुलवाया। जाम खुलने के बाद वाहन चालकों ने राहत की सांस ली।
रविवार दोपहर डेढ़ बजे हाईवे पर पिलखुवा बस स्टैंड के पास जाम लगना शुरू हो गया। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में फंसकर श्रद्धलुओं और अन्य वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कोतवाल अजय अग्रवाल ने बताया कि जाम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत कर करीब तीन बजे तक जाम खुलवाया।