फ्रीगंज रोड स्थित सेना के पड़ाव की तीन बीघा 10 बिसवा भूमि की जांच की आंच अब अधिकारियों तक पहुंचनी शुरू हो गई है। इस मामले में जांच अधिकारी पुष्पराज सिंह ने तत्कालीन तहसीलदार को नोटिस जारी कर मामले में एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
इस मामले में कुछ और उच्चाधिकारियों के फंसने की आशंका है। गौरतलब है कि, फ्रीगंज रोड स्थित राजस्व नंबर 2224 सेना की पड़ाव की करोड़ों रुपये की भूमि की करीब चार साल पहले भूमाफियाओं ने सांठगांठ व भू लेखों में हेरफेर कर प्लाटिंग की थी।
इस भूमि के पास दूसरे कब्जे की शिकायत पर डीएम ने अपर उपजिलाधिकारी पुष्पराज सिंह को मामले की जांच सौंपी थी। जांच में पता चला कि भूमि राजस्व नंबर 2224 दस्तावेजों में सेना की भूमि अंकित है।
मामला साफ होने पर इसकी गहनता से जांच जारी है। जांच अधिकारी ने बताया कि अभी तक की जांच में पता चला है कि तत्कालीन तहसीलदार ने भूलेखों में सेना के पड़ाव के रूप में दर्ज इस भूमि को मूल अभिलेखों में फेरबदल कर दो लोगों के नाम कर दिया।
इसके बाद इस भूमि पर प्लाटिंग शुरू हो गई। प्लाटिंग होने के करीब तीन माह बाद इस भूमि को दोबारा से भूलेखों में सेना के पड़ाव की भूमि अंकित कर दिया गया।इस मामले में तत्कालीन तहसीलदार कुमार भूपेंद्र को जांच अधिकारी की ओर से नोटिस जारी किया गया है।
जिसमें पूछा गया कि किस कारण और किसके आदेश पर उपरोक्त दस्तावजों में फेरबदल किया गया है। कुमार भूपेंद्र फिलहाल मेरठ में एसीएम के पद पर तैनात हैं।
इस नोटिस का जवाब एक सप्ताह के अंदर मांगा गया है। इस स्थिति से स्पष्ट है कि इस मामले में कुछ और अधिकारियों के फंसने की पूरी आशंका है। कार्रवाई से संबंधित लेखपालों के भी पसीने छूट रहे हैं।