हापुड़। थाना देहात क्षेत्र के लोधीपुर सोटावली में बुधवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने कार्रवाई की थी। मामले में प्लांट संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जांच में पता चला है कि पहले भी हुई कार्रवाई के तथ्य छिपाकर आरोपियों ने केंद्र से लाइसेंस जारी करा लिया। बुधवार को कार्रवाई के दौरान टीम ने 530 किलोग्राम पैकेटबंद क्रीम, 275 किलोग्राम सादे पैकेट में क्रीम, करीब पांच सौ किलोग्राम दही और 80 किलोग्राम मिल्क क्रीम बरामद किया था। मिलावट के शक में सभी मशीनों और माल को सील कर दिया गया था।
बता दें कि बुधवार को मुख्यालय के आदेश पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों की टीम देवफ्रेश क्रीम निर्माण इकाई पर पहुंची थी। छापे के दौरान संचालक गांव बनखंडा निवासी किशनचंद मौके पर मौजूद मिला। जांच में क्रीम तैयार करने के लिए वनस्पति और रिफाइंड सोयाबीन तेल समेत अन्य सामग्री का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। टीम ने यहां से क्रीम, दही, दूध पाउडर, मिल्क क्रीम, वनस्पति और सोयाबीन तेल समेत कुल 11 नमूने संग्रहित कर जांच के लिए भेजे हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में यह भी सामने आया कि संचालक का पूर्व में लिया गया खाद्य नमूना जांच में असुरक्षित पाया गया था। आरोप है कि इस तथ्य को छिपाकर खाद्य लाइसेंस में संशोधन कराया गया और राज्य के बजाय केंद्र से लाइसेंस जारी करा लिया गया। विभाग के अनुसार, संचालक ने पूछताछ में क्रीम को होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को आपूर्ति किए जाने की जानकारी दी।
सीओ दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की तहरीर पर पुलिस ने संचालक किशनचंद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। टीम की ओर से दिए गए तथ्यों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।