ज्वैलरी पर एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में रविवार को 12 वें दिन भी सर्राफा कारोबारियों की हड़ताल जारी रही। हालांकि रविवार को साप्ताहिक बंदी के कारण भी सर्राफा बाजार बंद रहा। कारोबारियों ने जूस बेचकर विरोध जताया।
केंद्र सरकार ने ज्वैलर्स पर एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगाई है। इसके विरोध में 12 दिनों से सर्राफा बाजार में दुकानों पर ताला लगा हुआ है। आलम यह है कि छोटे-छोटे काम भी लोगों के सर्राफा बाजार में नहीं हो पा रहे हैं।
रविवार को सर्राफा एसोसिएशन के सदस्यों ने जूस के ठेले पर जूस की बिक्री कर केंद्र सरकार के निर्णय का विरोध किया। स्वर्णकार संघ के प्रधान जय कुमार वर्मा का कहना है कि सरकार की मनमानी से सर्राफा बाजार पिछले 12 दिनों से बंद हैं। सरकार से सर्राफा कारोबारी जायज मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है।
सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव जैन ने कहा कि सर्राफा कारोबारी हर आन्दोलन के लिए तैयार हैं, क्योंकि वह सरकार से जायज मांग कर रहे हैं। सर्राफा कारोबारी पर एक्साइज ड्यूटी लगने का कोई औचित्य नहीं है। इस दौरान सर्राफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अरविंद शर्मा, राकेश गुप्ता, राम अग्रवाल, अभिषेक वर्मा, मख्खन सेनी, अजय मंगल, राकेश, अश्वनी सर्राफ, संजय सर्राफ, आयुश सर्राफ, मुकेश, सुनील आदि मौजूद थे।