जिले में बिक्री के लिए पांच हजार क्विंटल गेहूं को मंजूरी
हापुड़। लॉकडाउन की वजह से इस बार एक अप्रैल से राशन का वितरण होगा। लोगों को किसी तरह की समस्या न हो, इसके लिए प्रत्येक राशन की दुकान पर एक नोडल अधिकारी की जिला प्रशासन द्वारा नियुक्ति की जाएगी। उनकी निगरानी में पीओएस मशीन के माध्यम से ही राशन का वितरण होगा। इसके अलावा जिले के फ्लोर मिलों को भी पांच हजार क्विंटल गेहूं मुहैया कराया गया है। जो निर्धारित मूल्य पर लोगों में ब्रिकी किया जाएगा।
लॉकडाउन के चलते इस बार एक अप्रैल से राशन का वितरण होगा। पहले इसका वितरण पांच अप्रैल से होना था। जिले में करीब दो लाख 22 हजार लोग राशनकार्ड धारक हैं। इनमें दो लाख 14 हजार पात्र गृहस्थी राशनकार्ड धारक और 8805 अंतोदय राशनकार्ड हैं। जबकि जनपद में 22 हजार से अधिक पंजीकृत श्रमिक हैं और 14 से अधिक मनरेगा के जॉब कार्ड धारक हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि अंत्योदय कार्ड धारकों को 35 किलोग्राम खाद्यान्न जिसमें 20 किलोग्राम गेहूं व 15 किलोग्राम चावल निशुल्क वितरित करेंगे। इसी प्रकार मनरेगा जॉब कार्ड धारकों जो पंजीकृत एवं क्रियाशील है तथा श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिक एवं दिहाड़ी मजदूर जिनका पंजीयन हो रखा है तथा उनके पास किसी भी प्रकार का अंत्योदय/पात्र गृहस्थी योजना का राशन कार्ड है को भी निशुल्क खाद्यान्न दिया जाएगा। जबकि पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को 5 किलोग्राम प्रति यूनिट तीन किलोग्राम गेहूं व दो किलोग्राम चावल वितरित किया जाएगा। शेष पात्र गृहस्थी कार्ड धारक पूर्व की भांति अपना खाद्यान्न प्राप्त करते रहेंगे।
इसके अलावा जिले के फ्लोर मिल संचालकों की मांग पर एफसीआई से पंद्रह हजार क्विंटल गेहूं की मांग की गयी थी। जिसके सापेक्ष पांच हजार क्विंटल गेहूं खरीद की मंजूरी मिल गयी है। जिले में चिन्हित 14 फ्लोर मिल संचालक 2185.30 रुपये प्रति क्विंटल की दर से इस गेहूं की खरीद करेंगे और पिसाई के बाद निर्धारित मूल्य पर जिले में बिक्री कर सकेंगे।