हापुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट ने युवक की पिटाई करने के एक आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, मामले के अन्य पांच आरोपियों को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया है।
विशेष लोक अभियोजक विनीता त्यागी ने बताया कि गौरव कुमार पुत्र धर्मपाल सिंह निवासी गांव देवली थाना सिंभावली जिला हापुड़ ने 11 मार्च 2018 को सिंभावली थाने में तहरीर दी। जिसमें उसने कहा कि उसका भाई अनिल कुमार दस मार्च 2018 को जूते-चप्पल की सिलाई करने के काम पर गया था। तभी उसके पास गांव ढ़ाना निवासी कपिल पुत्र राजकुमार आया और कार में अपने घर ले गया। घर ले जाकर कपिल कुमार ने अपने अन्य कई साथियों के साथ मिलकर उसके भाई अनिल कुमार की जमकर पिटाई की। जिससे अनिल कुमार घायल हो गया।
पुलिस ने मामले की जांच कर कपिल कुमार सहित छह लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की और 29 मार्च 2018 आरोप पत्र न्यायालय में पेश किए। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट में चल रही थी। जहां पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद शुक्रवार को न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने निर्णय सुनाया। न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने आरोपी कपिल को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।