हापुड़ और बुलंदशहर जिले में फर्जी टीसी बनाने का गोरखधंधा खूब फल-फूल रहा है। एसएसवी इंटर कॉलेज में हाईस्कूल के प्राइवेट फार्म अपलोड किए जाने के दौरान इसका खुलासा हुआ है। दोनों जिलों के दो कॉलेजों से टीसी बनी दर्शायी गयी हैं।
जिन पर डीआईओएस के हस्ताक्षर भी फर्जी हैं। पूछताछ में कार्रवाई के डर से छात्र प्रधानाचार्य से अपने टीसी वापस करने की गुहार लगा रहे थे। एसएसवी इंटर कॉलेज को हाईस्कूल/इंटरमीडिएट प्राइवेट छात्रों के फार्म जमा करने का केंद्र बनाया गया है।
सभी फार्मों को ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है। बुधवार को हाईस्कूल के फार्म अपलोड किए जा रहे थे। इस दौरान पांच छात्रों की टीसी फर्जी पाई गई। इससे कालेज प्रबंधन में हड़कंप मच गया।
आनन फानन में प्रधानाचार्य ने उक्त छात्रों से पूछताछ की तो वह सहम गए। प्रधानाचार्य ने कार्रवाई की बात कही तो छात्र अपनी टीसी वापस कराने की बात कह गिड़गिड़ाने लगे।
आश्चर्य की बात यह है कि छात्रों को उक्त टीसी पिलखुवा के एक इंटर कॉलेज व बुलंदशहर के जहांगीराबाद स्थित एक इंटर कॉलेज से जारी दर्शायी गई हैं। सभी टीसी पर डीआईओएस के फर्जी हस्ताक्षर कराए गए हैं।
पांच छात्रों की टीसी फर्जी मिलने पर एसएसवी कॉलेज में हड़कंप मच गया। चर्चा है कि पिलखुवा स्थित एक इंटर कॉलेज के एक शिक्षक ही इस गोरखधंधे में शामिल है। प्रधानाचार्य विजय कुमार गर्ग का कहना है कि फार्म अपलोड किए जाने के दौरान पांच छात्रों की टीसी फर्जी मिली हैं।
प्रधानाचार्य ने इस संबंध में डीआईओएस से शिकायत करने की बात कही है। जिला विद्यालय निरीक्षक बीके शर्मा का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। फर्जी टीसी जारी करने का मामला बेहद गंभीर है, इसकी जांच करा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।