गांव मुजफ्फरा बागड़पुर में घुटनों के दर्द को पलभर में खत्म करने का दावा करके फल फूल रहे एक क्लीनिक पर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का चाबुक चल गया। इसमें तैनात चिकित्सक ने इंजेक्शन लगाकर कई मरीजों के घुटनों को खराब कर दिया है।
इस शिकायत पर सीएमओ द्वारा गठित टीम ने क्लीनिक को सील कर दिया है। चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है। गांव मुजफ्फरा बागड़पुर में काफी समय से ओम क्लीनिक फर्जी तरीके से चल रहा था।
इसके दो चिकित्सक पल भर में घुटनों के दर्द को खत्म करने का दावा करता था। मरीजों के स्वास्थ्य को ताक पर रख उनके घुटनों में इंजेक्शन भी लगाया करता था। इसकी शिकायत कई बार स्वास्थ्य विभाग में की गई थी। इंजेक्शन से कई मरीज तो चलने फिरने में भी असमर्थ हो गए हैं।
बुधवार को सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ डा.राकेश अनुरागी के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर क्लीनिक की जांच के निर्देश दिए। टीम ने गांव में पहुंचकर पता किया तो चिकित्सक की करतूत सुन वह भी हैरान रह गए।
टीम को देखते ही दोनों चिकित्सक भाग गए। मामले की गंभीरता पर अफसरों ने क्लीनिक को सील कर दिया है। चिकित्सक के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करा दी गई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.एके सिंह ने बताया कि ओम क्लिनिक के संबंध में कई बार उन्हें भी शिकायत मिली थी। इसको सील करा दिया गया है। लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।