तहसील चौपला पर जाम लगाकर विरोध किया
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केंद्र सरकार द्वारा किसानों के लिए कोई भी कृषि नीति नहीं बनाए जाने के विरोध में बृहस्पतिवार को भाकियू के पदाधिकारियों ने तहसील चौपला पर जाम लगाकर विरोध किया। संसद का घेराव करने के लिए कार्यकर्ता बस से दिल्ली रवाना हुए। किसानों ने गन्ना भुगतान और बारिश से बर्बाद हुई किसानों की फसल का उचित मुआवजा दिए जाने की भी मांग की।
बृहस्पतिवार को भाकियू के जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री के नेतृत्व में कार्यकर्ता फ्रीगंज रोड स्थित कैंप कार्यालय पर जमा हुए। जहां से वह तहसील चौपला पहुंचे और जाम लगा दिया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए अभी तक कोई भी कृषि नीति लागू नहीं की है। जिस कारण किसान बर्बादी के कगार पर है, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान ही नहीं दे रही है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर ही संसद का घेराव करने का कार्यक्रम है। जिला उपाध्यक्ष यशवीर सिंह ने कहा कि किसानों का अभी भी चीनी मिलों पर करोड़ों का बकाया है। पिछले दिनों बारिश के दौरान जिले के कई किसानों की फसल बिल्कुल चौपट हो गई है।
फसल बर्बाद को देखकर किसान सदमे में आ गया है और आत्महत्या करने को विवश है। करीब 10 मिनट तक लगे जाम के बाद कार्यकर्ता बस से दिल्ली रवाना हो गए। वहां पर रामपाल सिंह, टैनपाल सिंह, नितिन बाना, मुनेशपाल, रणवीर सिंह, भगत राम, बबल, धीर सिंह, ओमपाल, करनवीर, उदयवीर, इंद्रवीर आदि मौजूद रहे।