परिषदीय स्कूलों में कड़ी मेहनत से बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक, प्रबंध समिति के पदाधिकारियों के लिए अच्छी खबर है। वार्षिक आंकलन रिपोर्ट के आधार पर ग्रेड-ए पाने वाले स्कूलों को शासन स्तर से पुरस्कृत किया जाएगा।
ऐसे स्कूलों के विकास के लिए शासन से 1.20 लाख रुपये की पुरस्कृत राशि मिलेगी। इस संबंध में शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों को निर्देशित कर दिया है। प्रदेश सरकार परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने का हर संभव प्रयास कर रही है।
स्कूलों में शिक्षा व बच्चों का नामांकन बढ़ाने के उद्देश्य से अब सरकार ने बच्चों की पढ़ाई के प्रति कड़ी मेहनत करने वाले शिक्षक और स्कूल प्रबंध समिति के पदाधिकारियों को शासन स्तर पर सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
ऐसे स्कूलों के विकास के लिए भी शासन ने 1.20 लाख रुपये की पुरस्कृत राशि स्वीकृत की है। उत्तर प्रदेश शासन के सचिव आशीष कुमार गोयल ने बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों को निर्देशित किया है कि परिषदीय स्कूलों में बच्चों का नामांकन बढ़ाया जाए, साथ ही पढ़ाई का स्तर गुणवत्तापरक हो।
स्कूलों में विभिन्न मानकों के निरीक्षण के बाद वार्षिक आंकलन रिपोर्ट तैयार होगी। सर्वश्रेष्ठ स्कूल के विकास के लिए शासन से पुरस्कृत राशि मिलेगी, साथ ही संबंधित शिक्षक को सम्मानित होने का मौका मिलेगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एमपी वर्मा ने बताया कि शासन से इस संबंध में गाइडलाइन मिल चुकी है।
विद्यालय को पुरस्कृत होने के लिए उसमें 150 छात्र-छात्राएं नामांकित हो, तीन वर्ष में छात्रों के नामांकन में गिरावट न हो, विद्यालय में संचलित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में पंजीकृत बच्चों को विद्यालय में नामांकित किया जाए।
विद्यालय में बच्चों की मासिक औसत उपस्थित 60 फीसदी हो, कार्यदिवस में शिक्षकों की उपस्थिति शत प्रतिशत हो, पाठ्यक्रम समय से पूरा किया जाए, समेत 20 मानकों को पूरा करना होगा।