सरकार की नीतियां व 11 सूत्रीय मांगों के निस्तारण न होने के विरोध में मंगलवार को यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर जिलेभर के बैंकर्स हड़ताल पर रहे। इससे 50 करोड़ रुपये का कामकाज प्रभावित हुआ।
बैंक कर्मचारियों ने बुलंदशहर रोड स्थित सिंडिकेट बैंक की शाखा पर प्रदर्शन कर जल्द ही मांगों का निस्तारण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं, एटीएम सुविधा भी ग्राहकों का साथ नहीं दे सकी, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के मंत्री एलआर गुप्ता ने बताया कि सरकार वैश्विक बैंक बनाने के नाम पर मनमानी व आत्मघाती नीति लागू करना चाहती है, इसमें सेवा और शर्तों का खुला उल्लंघन हो रहा है।
एसबीआई प्रबंधन के एकतरफा सोच के कारण सहयोगी बैंकों का विलय किया जा रहा है। अंशकालिक कर्मचारियों के पदों व छोटी बचत योजनाओं को समाप्त किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वह सरकार से विमुद्रीकरण के समय कर्मचारी/अधिकारियों को उनके द्वारा देर तक अतिरिक्त कार्य करने के लिए उचित क्षतिपूर्ति दी जाए, विमुद्रीकरण के खर्च की भरपाई सरकार उठाए, ग्रेच्युटी की राशि बढ़ाई जाए व उसे करमुक्त किया जाए,
छुट्टी नकदीकरण को भी कर मुक्त किया जाए, सभी बैंकों के अधिकारियों व कर्मचारियों के नामित निदेशकों की यथाशीघ्र नियुक्ति की जाए समेत 11 सूत्रीय मांगों के निस्तारण की आवाज उठा रहे हैं। लेकिन सरकार आश्वासन के बावजूद उन्हें राहत नहीं दिला पा रही है।
बैंक कर्मचारियों ने बुलदंशहर रोड स्थित सिंडिकेट बैंक की शाखा पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया। बैंकर्स की हड़ताल से जहां ग्राहकों को परेशानी हुई, वहीं करीब 50 करोड़ रुपये का कारोबार भी प्रभावित हुआ। उधर, शहर भर में लगे अधिकांश एटीएम मंगलवार को भी बंद रहे।
मुख्य एटीएम से ही ग्राहकों को राहत मिल सकी। वहीं, एलडीएम एपी चतुर्वेदी ने बताया कि कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं के संबंध में हड़ताल रखी थी। करीब 50 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है।
एटीएम सुविधा कुछ हद तक बेहतर रही। इस दौरान आरके माहेश्वरी, राहुल, डीपी सिंह, कमल गर्ग, मनोहर लाल, सुरेंद्र सिंह, राहुल, दीपक, अजय कुमार, अभिषेक गंगवार, नवनीत कुमार मौजूद रहे।