हापुड़। ग्रामीण बसों के चलने के कारण ऑटो चालक भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। सोमवार को ऑटो चालकों ने शहर में ऑटो स्टैंड बनवाने सहित कई मांगों को लेकर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर अखिलेश सिंह को सौंपा। ज्ञापन देने को लेकर डिप्टी कलक्टर और ऑटो चालकों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई।
चालकों ने कहा कि शहर से संचालित ग्रामीण बसों के कारण बड़ी संख्या में ऑटो चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। चालकों का कहना है कि वर्ष 2022 में शासन और प्रशासन की ओर से हापुड़ शहर में ऑटो, टैक्सी और बसों के लिए अलग-अलग 10 स्टैंड निर्धारित किए गए थे, लेकिन अब इन व्यवस्थाओं का पालन नहीं हो रहा है।
चालकों ने नगर पालिका और जिला प्रशासन की ओर से जारी पार्किंग व स्टैंड संबंधी सूचनाओं की प्रतियां भी दी हैं। साथ ही शहर में पूर्व निर्धारित ऑटो और बस स्टैंडों की सूची भी प्रस्तुत की गई।
उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर टेंपो स्टैंड निर्धारित किए गए हैं, वहां से उन्हें न हटाया जाए और कथित रूप से नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि प्रशासन यदि पूर्व निर्धारित व्यवस्था को सख्ती से लागू करे तो विवाद समाप्त हो सकता है और सभी परिवहन संचालकों को समान अवसर मिल सकेगा।
इस दौरान सुहैल, साबिर अली, बाबू, नौशाद, राहत अली, नदीम, मारूफ, दानिश, खालिद, योगेश, राशिद, रविंद्र, जुनैद, ओमवीर, जाहिद, विकास, आकिल, चेतन और शाह आलम आदि मौजूद रहे।