संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला भंडापट्टी निवासी आसिफ देश के कई राज्यों के साइबर ठगों के गैंग से जुड़ा था। आसिफ की कॉल डिटेल से रांची पुलिस को इसकी जानकारी हुई थी। इतना ही नहीं गैंग के सदस्यों ने पिछले महीने आसिफ के खाते में एक करोड़ एक लाख रुपये भी ट्रांसफर किए थे। आसिफ के खिलाफ पुख्ता सुबूत होने पर शनिवार को रांची पुलिस आसिफ को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई थी।
रांची साइबर थाना के प्रभारी फागुनी पासवान ने बताया कि नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला भंडापट्टी निवासी मेडिकल स्टोर संचालक आसिफ साइबर ठगी गैंग का सक्रिय सदस्य है। उसके खाते में साइबर ठगी के रुपये आते रहते हैं। उसका मोबाइल नंबर बिहार, झारखंड, हरियाणा, पंजाब व राजस्थान में पिछले दिनों पकड़े गए साइबर गैंग के सदस्यों के संपर्क में है। कॉल डिटेल से इसका खुलासा हुआ था। पिछले महीने साइबर ठगों ने एक करोड़ एक लाख रुपये भी उसके खाते में ट्रांसफर किए थे। उनके पास उसे गिरफ्तार करने के पुख्ता सुबूत थे। शनिवार शाम वह टीम के साथ कोतवाली पहुंचे थे और स्थानीय पुलिस को साथ लेकर आसिफ को गिरफ्तार कर लिया था। उन्होंने बताया कि आसिफ मोहल्ले में असैर के नाम से मेडिकल स्टोर भी चलाता है और उसका आईडीबीआई बैंक में खाता है। पांच मई को साइबर ठगों ने 55 और सात मई को 51 लाख रुपये उसके खाते में ट्रांसफर किए थे। रांची पुलिस ने उसके खाते को फ्रिज कर दिया था। आसिफ ने बैंक अधिकारियों को मेल कर अपने खाते पर लगी रोक को हटाने की मांग भी की थी।
साइबर थाना प्रभारी उपदेश कुमार के साथ रांची पुलिस ने आसिफ को रिमांड मजिस्ट्रेट न्यायालय में पेश किया था। हालांकि अभी तक उत्तर प्रदेश में उसकी सक्रियता नहीं मिली है।
सीओ जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि रांची पुलिस आसिफ का रिमांड कराकर अपने साथ ले गई है। स्थानीय पुलिस भी आसिफ के बारे में जानकारी जुटा रही है।